हमारा इतिहास : साल भर स्टेशन पर पड़ी रही फाइलें

नागपुर, रीवा ,इंदौर और ग्वालियर से सरकारी रिकार्ड का भोपाल स्थानांतरण करना बहुत बड़ी चुनौती थी।  ऐसा किया जाना आवश्यक भी था और समय पर

हमारा इतिहास : पटवारी बन गए डिप्टी कलेक्टर…

मध्यप्रदेश के पहले 5 साल बड़े चुनौतीपूर्ण थे चार अलग-अलग प्रदेश जब एक हुए तो सबकी अपनी अपनी संस्कृति और कार्यशैली थी। जहां रजवाड़े वाले

हमारा इतिहास : मध्यप्रदेश में भी बनना थी विधान परिषद्

जब मध्यप्रदेश की विधानसभा का गठन हो रहा था तब विधान परिषद बनना तय था किंतु घटनाक्रम कुछ ऐसा हुआ कि विधान परिषद नहीं बन

हमारा इतिहास : नहीं मनी जबलपुर में दिवाली

जब भोपाल को राजधानी तय कर लिया गया तो जबलपुर चुप नहीं बैठा उसका 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू मौलाना आजाद लाल बहादुर

हमारा इतिहास : भोपाल बैंक का पैसा कराची भेज दिया

पाकिस्तान के गठन के बाद केंद्रीय सरकार की नजर में नवाब हमीदुल्लाह खान की गतिविधियां संदेह से परे नहीं थी दिल्ली की सरकार देश के