वर्तमान चुनावों में तीनों पार्टियां एक-एक जगह से जीत गईं लेकिन दो-दो जगह से हार गईं। इन मुख्य चुनावों के अलावा कुछ उप-चुनाव भी अलग-अलग
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विरोध के बाद संसद में सामान नागरिक संहिता बिल पेश
नई दिल्ली। समान नागरिक संहिता का बिल शुक्रवार को संसद में पेश हो गया हलाकि विपक्षी पार्टियों ने इसका जमकर विरोध किया । राजस्थान से
भारतीय राजनीति में बहती उलटी गंगा…
भारत में जबसे गंगा मैया ने अपने बेटे को गुजरात से काशी बुलाया है,पूरे देश में राजनीति की गंगा उलटी बहने लगी है।उलटा बहना गंगा
हमारा इतिहास : मुख्यमंत्री काटजू का भोपाल में कोई परिचित न था
हमेशा विवादों में रहने वाले विख्यात विख्यात न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू कैलाश नाथ काटजू के प्रपौत्र है उस जमाने में जब कारों की कीमत मात्र दो-तीन
हमारा इतिहास : दिग्विजय ने कहा “मैनेजमेंट से जीते जाते हैं चुनाव”
इन सब घटनाओं के बावजूद दिग्विजय सिंह को चुनाव जीतने का पूरा भरोसा था वह कहते थे कि चुनाव मैनेजमेंट से जीते जाते हैं। मैनेजमेंट
गुजरात -हिमांचल के चुनाव परिणाम से असमंजस में मध्यप्रदेश…
बीते महीने से देश में तीन चुनावों की चर्चा और सस्पेंस का दौर 8 दिसम्बर को खत्म हुआ और इसी के साथ आने वाले साल
तीनों पार्टियाँ गदगद: तीनों को सबक…
गुजरात, दिल्ली और हिमाचल के चुनाव परिणामों का सबक क्या है? दिल्ली और हिमाचल में भाजपा हार रही है और गुजरात में उसकी एतिहासिक विजय
आंगन टेढ़ा हो या सीधा, नाच दिखाइए…..
हिमाचल प्रदेश, गुजरात विधानसभा और दिल्ली महानगर निगम के चुनाव परिणाम सामने हैं।इन नतीजों से देश में प्रचलित दो कहावतें एक बार प्रमाणित हुई हैं।
586 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ
ःः जन कल्याणकारी योजनाओं से जीवन बदलने का कार्य कर रही है – मध्य प्रदेश सरकार ःः करोड़ों प्रदेश वासियों की दुआओं से मुख्यमंत्री कर
हमारा इतिहास : दिग्विजय की पराजय…
दिग्विजय सिंह ने 1993 से लगातार 10 सालों तक मुख्यमंत्री रह कर मध्य प्रदेश की राजनीति में नया कीर्तिमान बनाया था। उनके पहले इतने लंबे

