बीते महीने से देश में तीन चुनावों की चर्चा और सस्पेंस का दौर 8 दिसम्बर को खत्म हुआ और इसी के साथ आने वाले साल
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तीनों पार्टियाँ गदगद: तीनों को सबक…
गुजरात, दिल्ली और हिमाचल के चुनाव परिणामों का सबक क्या है? दिल्ली और हिमाचल में भाजपा हार रही है और गुजरात में उसकी एतिहासिक विजय
आंगन टेढ़ा हो या सीधा, नाच दिखाइए…..
हिमाचल प्रदेश, गुजरात विधानसभा और दिल्ली महानगर निगम के चुनाव परिणाम सामने हैं।इन नतीजों से देश में प्रचलित दो कहावतें एक बार प्रमाणित हुई हैं।
586 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ
ःः जन कल्याणकारी योजनाओं से जीवन बदलने का कार्य कर रही है – मध्य प्रदेश सरकार ःः करोड़ों प्रदेश वासियों की दुआओं से मुख्यमंत्री कर
हमारा इतिहास : दिग्विजय की पराजय…
दिग्विजय सिंह ने 1993 से लगातार 10 सालों तक मुख्यमंत्री रह कर मध्य प्रदेश की राजनीति में नया कीर्तिमान बनाया था। उनके पहले इतने लंबे
हमारा इतिहास : पहले 5 साल और काटजू
दिसंबर 1956 में जब रविशंकर शुक्ल का निधन हुआ तब मध्य प्रदेश को संभालने के लिए कई दावेदार सामने आने लगे द्वारका प्रसाद मिश्र उन
मध्यप्रदेश राजनीतिनामा : सरपंचों को साधने की सौगातें
राजधानी भोपाल में बुधवार को राज्य स्तरीय सरपंचों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सौगातो की झड़ी लगा दी इससे पंचायत तो सशक्त
चुनाव परिणाम : गुजरात में भाजपा हिमांचल में टक्कर
शिमला। एक्जिट पोल के आधार पर ही नतीजे सामने आ रहे है जहाँ गुजरात में भाजपा की बम्पर जीत होना तय माना जा रहा है
काबुलः भारत नई पहल करे
पिछले साल काबुल पर तालिबान का कब्जा होते ही भारत सरकार बिल्कुल हतप्रभ हो गई थी। उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह
पद्मश्री है या मिसरी की डली
भारत में वर्ष 2022 के पद्म पुरस्कार घोषित कर दिए गए हैं और इसी के साथ दो अमरीकी भारतीयों को पद्म भूषण पुरस्कार देने को

