दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पहला मौका था जब एशिया कप के इतिहास में भारत और पाकिस्तान आमने. सामने फाइनल में भिड़े इस मैच ने मैदान के अंदर जितना रोमांच पैदा किया उसके अधिक मैदान के बाहर भी चर्चाए जारी है दिल्चस्प मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 146 रन बनाए पाकिस्तान ने आखिरी 9 विकेट सिर्फ़ 33 रन पर खो दिए। कुलदीप यादव की गेंदबाज़ी शानदार रही उन्होने 4 विकेट लिए। जबाब देते हुए भारत को शुरुआती झटका लगा 3 विकेट 20 रन पर गिर गए लेकिन तिलक वर्मा ने नाबाद 69 रन की पारी खेली और भारत को एक शानदार जीत दिलाई
मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में भारत की टीम ने एसीसी के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी से ट्रॉफी और मेडल लेने से इंकार किया क्योंकि वे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड प्रमुख और पाकिस्तान सरकार के मंत्री हैं। नाराज नकवी ट्राफी लेकर होटल चले गये जिसका सोशल मीडिया पर जमकर मजाक बना दोनों टीमों ने मिलके हाथ नहीं मिलाए ये तनावपूर्ण पल दर्शकों और मीडिया ने खूब नोट किए। टीम इंडिया के इस रुख़ ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। कई प्रशंसकों ने आलोचना भी की भारत ने खेल भावना को अधूरा छोड़ दिया गया। वहीअन्य लोगों ने इसे एक राष्ट्रीय सम्मान और आत्मसम्मान की मिसाल बताया।दरअसल यह मुकाबला सिर्फ़ क्रिकेट का नहीं था यह राजनीति भावना और राष्ट्रीय आत्मगौरव का संगम था। भारत ने न सिर्फ मैच जीता बल्कि यह संदेश भी दिया कि वे मैदान पर जितना सशक्त हैं उतने ही दृढ़ नजरिए से अपने दृष्टिकोण पर भी कायम हैं।
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