“भाजपा की कोर ग्रुप बैठक में मंत्रियों की शिकायतें सामने आईं—अधिकारी नहीं सुनते, संगठन में संवाद की जरूरत; क्या सत्ता-संगठन के बीच तालमेल बड़ा मुद्दा बन रहा है?”
भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा की पहली कोर ग्रुप बैठक में सत्ता और संगठन के कामकाज को लेकर कई सवाल सामने आए। जानकारी के अनुसार बैठक में मंत्रियों ने अपनी परेशानियां रखीं और अधिकारियों के रवैये से लेकर प्रशासनिक समन्वय तक के मुद्दों पर चर्चा हुई।बैठक में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों के उनकी बात नहीं सुनने का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सवाल किया कि जब किसी मंत्री के विभाग में इस तरह की घटना होती है तो उसे कैसे रोका जाए।बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टरों के प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने की बात उठाई। वहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की ओर से मुख्यमंत्री से नियमित संवाद को लेकर भी अपनी बात रखे जाने की खबर है। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी बिल्कुल कुमार देव ने संगठन से जुड़े कामकाज और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को लेकर भी नेताओं से चर्चा की। खबर के मुताबिक, बेरोजगारी और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर भी समयबद्ध तरीके से काम करने पर जोर दिया गया।
भाजपा की यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें सार्वजनिक मंचों से अलग, पार्टी के भीतर नेताओं और मंत्रियों ने प्रशासनिक व्यवस्था तथा आपसी समन्वय से जुड़े मुद्दे रखे। अब इन चर्चाओं के बाद सरकार और संगठन किस तरह आगे बढ़ते हैं, यह देखने वाली बात होगी।
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