मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – कांग्रेस में कलह के कैक्टस

मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – कांग्रेस में कलह के कैक्टस

प्रदेश में लगातार चुनावी पराजय के बाद भी कांग्रेस नेताओं के बीच गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही वरन ऐसे मौके पर जब कांग्रेस अपना 140 वां स्थापना दिवस मना रही है तब कांग्रेस में कलह सबके सामने आ रही है।
दरअसल कांग्रेस पार्टी क्षत्रप नेताओं में जब किसी क्षत्रप नेता के अहम को ठेस पहुंचती है पार्टी में गुटबाजी उभरकर सामने आ जाती है सांप सीढ़ी का खेल भी कांग्रेस में खूब चलता है जब-जब पार्टी एक जुटता की बात करती है संगठन को मजबूत करने की बात करती है और सरकार बनाने का संकल्प दोहराती है तब तब पार्टी में कोई ना कोई घटनाक्रम ऐसा जरूर हो जाता है जिससे पार्टी के गुब्बारे की सारी हवा निकल जाती है हाल ही में दिग्विजय सिंह का बयान तो चर्चाओं में है ही मीडिया विभाग के प्रदेश प्रभारी मुकेश नायक ने अपने पद से इस्तीफा यह कह कर दे दिया कि युवाओं को मौका दिया जाए हालांकि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उनका इस्तीफा अस्वीकार कर दिया लेकिन इस तरह की स्थिति क्यों बनी राजनीतिक समीक्षकों का मानना है की मुकेश नायक के इस सतिफे के पीछे टेलेंट हंट के लिए की गई नियुक्तियों है बताया गया है कि प्रदेश में प्रवक्ताओं की नियुक्तियां टैलेंट हंट के के माध्यम से करने के लिए 9 दिसंबर को कांग्रेस के संगठन प्रभारी संजय कामले ने 11 सदस्य कमेटी गठित की इस सूची में मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक का नाम ही नहीं था और कम्युनिकेशन एवं मीडिया विभाग के प्रभारी अभय तिवारी इस लिस्ट में अध्यक्ष बना दिए गए

इसके बाद 23 दिसंबर को मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने भी दूसरी सूची जारी की इसमें अभय तिवारी को संयोजक और विधायक आरिफ मसूद को सहसंयोजक बनाया गया नायक ने टैलेंट हंट के लिए नेताओं को कलस्टर बार जिम्मेदारियां दी थी बताया जाता है कि मुकेश नायक की इस लिस्ट पर 26 दिसंबर को अभय तिवारी ने पत्र जारी आपत्ति जताई इसके एक दिन बाद ही 27 दिसंबर को मुकेश नायक ने इस्तीफा दे दिया। बहरहाल हाल ही में कांग्रेस की एक बड़ी बैठक प्रदेश कार्यालय में हुई जिसमें पार्टी ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की लेकिन इसी बैठक में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और सीडब्लूसी के सदस्य कमलेश्वर पटेल की नाराजगी खुलकर सामने आई इस बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद थे बैठक  के के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने संगठन आत्मक दावों पर सवाल करते हुए कहा कि बीएलओ दो की संख्या जितनी कागजों बताई जा रही है जमीन पर उतने सक्रिय नहीं है सूत्रों का दावा है कि उमंग सिंगार यही नहीं रुके उन्होंने यह भी कहा कि यदि नेतृत्व को भरोसा ना हो तो बीएलए दो का प्रादेशिक सम्मेलन करा कर हकीकत सामने लाई जा सकती है वही कमलेश्वर पटेल ने मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर नाराजगी जाहिर की उन्होंने बैठक में कहा कि मंडल अध्यक्ष बनाए जाने से पहले सभी वरिष्ठ नेताओं और संवंद्धित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की राय नहीं ली गई जिससे असंतोष की स्थिति बनी हुई है अब जो बन गए हैं वह एक जुटता दिखाएं और एक तरफा फैसला ना ले।

देवदत्त दुबे 

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