उत्तराखंड के एक भाजपा विधायक हैं बंशीधर भगत, उन्होंने 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर एक जबरदस्त भाषण दिया। उनके भाषण के समय राज्य की भाजपा सरकार की महिला व बाल विकास मंत्री रेखा शर्मा भी मौजूद थीं। बंशीधर भगत ने हिंदू धर्म में महिलाओं के सशक्तिकरण की मिसाल देते हुए कहा कि भगवान तक ने लड़कियों का पक्ष लिया है। भगत का कहना था- विद्या मांगो तो सरस्वती को पटाओ, बल मांगो तो दुर्गा को पटाओ, मतलब विद्या और बल दोनों महिला से मांगो और धन मांगो तो लक्ष्मी को पटाओ। हिंदी के एक हास्य कवि ने कुछ समय पहले यह बात कही थी। लेकिन जब भाजपा विधायक ने यह बात कही तो इस पर विवाद हो गया। हालांकि गलती भाजपा विधायक की थी, जो वे नरेंद्र मोदी को भूल गए।
आज किसी भी हिंदू को किसी चीज के लिए किसी देवता को पटाने की जरूरत नहीं है। आज हर चीज के एकमात्र देवता मोदीजी हैं। वे विद्या के देवता हैं। कैसे उन्होंने नई शिक्षा नीति बना दी, जिससे भारत में हर व्यक्ति सिर्फ साक्षर नहीं होगा, बल्कि शिक्षित हो जाएगा। सारी भाषाएं मजबूत हो जाएंगी। मातृभाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई होगी। देश में फिर ज्ञान की गंगा बहने लगेगी। नई शिक्षा नीति लागू होते ही देश का अंधकार मिट जाएगा। सारे लोग ज्ञानी हो जाएंगे। फिर किसी को माता सरस्वती की पूजा करने या जैसा कि भाजपा विधायक ने कहा कि ‘सरस्वती को पटाने’ की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इसी तरह किसी भी हिंदू को धन मांगने के लिए लक्ष्मी पूजा करने की जरूरत नहीं है क्योंकि धन की बरसा तो मोदीजी खुद ही कर दे रहे हैं। वैसे बिहार में उनकी पार्टी के एक विधायक ललन पासवान ने बड़ा जायज सवाल उठाया कि आखिर गैर हिंदू लोग तो लक्ष्मी की पूजा नहीं करते हैं फिर क्या वे अरबपति नहीं बनते हैं? जब मुस्लिम और ईसाई लक्ष्मी की पूजा किए बगैर ही अरबपति बन रहे हैं तो हिंदुओं को क्यों लक्ष्मी पूजा करनी चाहिए।
दरअसल ललन पासवान ने भी ऐसा कहते हुए वहीं गलती कर दी, जो उत्तराखंड के बंशीधर भगत ने की। उन्होंने भी नहीं बताया कि अब सिर्फ मोदीजी की पूजा करने की जरूरत है। वे भारत के धन वर्ष यंत्र हैं। उन्होंने अभी दिवाली से ठीक पहले आठ करोड़ किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपए सीधे ट्रांसफर किए। दिवाली से ठीक पहले रेलवे के कर्मचारियों को 78 दिन के वेतन के बराबर बोनस दिया। केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में चार फीसदी की बढ़ोतरी की। धनतेरस को 75 हजार युवाओं को रोजगार देंगे। पांच किलो मुफ्त अनाज बांट रहे है। इस योजना को तीन महीने और बढ़ा दिया। मोदीजी किसानों को पैसे, कर्मचारियों को पैसे, भूखों को अनाज और युवाओं को रोजगार दे रहे हैं, तो इसके बाद किसी को लक्ष्मी की पूजा की क्या जरूरत है? लोग या तो मोदीजी की पूजा करें या दूसरे भगवानों की पूजा भी करें तो सिर्फ अब यह मांगे कि भगवान मोदीजी को बनाए रखें!
भाजपा विधायक ने कहा कि बल के लिए दुर्गा को पटाओ। अब भला उसकी भी क्या जरूरत है? मोदीजी ने भारत को इतना बलशाली बना दिया है कि चीन जैसी महाशक्ति की भारत के आगे घिग्घी बंधी है। पाकिस्तान घुटनों पर आया हुआ है। दुनिया के सारे देश बिना मोदीजी से पूछे कोई फैसला नहीं करते हैं। भारतीयों की रक्षा के लिए उन्होंने रूस-यूक्रेन का युद्ध रूकवा दिया था। उनके रामराज में हिंदू इतना बलशाली हो गया है कि किसी भी मस्जिद में घुस कर पूजा करने लग रहा है। किसी भी गैर हिंदू को पकड़ कर उससे जय श्रीराम बुलवा ले रहा है। गरबा खेलने पहुंचे किसी गैर हिंदू को खंभे से बांध कर पीट दे रहा है। किसी का फ्रीज खोल कर उसमें देख ले रहा है कि गौमांस तो नहीं रखा है। अब इससे ज्यादा भला बल की क्या जरूरत है? अब सिर्फ इतनी प्रार्थना होनी चाहिए कि हमारे नए भगवान मोदीजी हिंदुओं को इतनी ताकत दें कि वे देश में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, अशिक्षा आदि के आंकड़े बताने वालों को सबक सिखा सकें। सो, इस दिवाली सब मिल कर मोदीजी को पटाओ, वे खुश रहेंगे तो विद्या, धन और बल तीनों की कभी कमी नहीं पड़ने देंगे।
आलेख श्री हरिशंकर व्यास जी वरिष्ठ पत्रकार ,नई दिल्ली।
साभार राष्ट्रीय दैनिक नया इंडिया समाचार पत्र ।