छोटी सी कहानी

सबको खुश रखना – ये मुमकिन तो नहीं लेकिन

आप कितनी भी कोशिश कर लें, सबको खुश नहीं रख सकते। और यदि आप ऐसा करने का प्रयास करेंगे तो इसके परिणाम भयावह होंगे। आपके मन की शांति खत्म होगी। आप निराश, हताश हो जाओगे। आपमें अपने लक्ष्यों और सपनों को पूरा करने का साहस और ऊर्जा नहीं बचेगी। इसलिए, किसी को खुश करने में अपनी ऊर्जा व्यर्थ न करें। जो हैं, जैसे हैं, वैसे रहें, और वहीँ करें, जो आपको सही लगता है। आपके शुभचिंतक आपको वैसा ही स्वीकार कर लेंगे।

एक लड़का केले का गुच्छा लेकर जा रहा था। तभी उसे एक कमजोर बुजुर्ग व्यक्ति ने रोका और कहा: मैं थका हुआ और भूखा हूँ। क्या तुम मुझे कुछ केले मुफ्त में दे सकते हो? लड़के ने केले का गुच्छा नीचे रखा और उसमें से तीन केले निकालकर बुजुर्ग को दिए। लेकिन केले देखकर बुजुर्ग ने मुँह फेर लिया और कहा: ये केले पके हुए नहीं हैं। मैं इन्हें कैसे खाऊंगा? बुजुर्ग का रवैया देख लड़का थोड़ा अचंभित हुआ, लेकिन उसने विनम्रता से कहा: मैं माफ़ी चाहता हूँ। मेरा घर नज़दीक है, वहां कुछ पके हुए केले हैं। यदि तुम रुको तो मैं तुम्हारे लिए ला सकता हूँ। बुजुर्ग ने चिड़चिड़ाते हुए कहा: ठीक है, लेकिन जल्दी लाना। लड़का केले का गुच्छा लेकर घर की तरफ दौड़ा और जल्द ही, तीन बड़े हुए पके केले लेकर लौटा। बुजुर्ग को केले देते हुए वह मुस्कुराया। लेकिन बुजुर्ग व्यक्ति ने केले देखे, तो गुस्से से बोला: तुम मुझे ये सड़े हुए केले क्यों खिला रहे हो? तुम्हें पता होना चाहिए कि मैं एक बुजुर्ग हूं और ये केले मेरा पेट खराब कर देंगे। लड़के को कुछ समझ नहीं आया। लड़का परेशान हो गया। उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करे। उसने बुजुर्ग से पुछा: जो अब तक हुआ उसके लिए मुझे खेद है लेकिन आप बताएं कि मैं क्या कर सकता हूँ? बुजुर्ग ने कहा: तुम वो कच्चे केले ही वापस ले आओ। मैं उन्हें कल तक रखकर पका लूंगा। और जल्दी आना, मेरे पैरों में दर्द हो रहा है। बुजुर्ग को प्रसन्न करने की आशा में युवक दौड़ता हुआ घर गया और पहले वाले केले लेकर वापस आ गया। लेकिन ये क्या, बुजुर्ग ने एक बारे फिर से नाराज़गी जताते हुए कहा: तुम बहुत धीरे काम करते हो। अब मेरी भूख खत्म हो गयी और मुझे इन केलों की आवश्यकता नहीं। केले अपने पास ही रखो। थका हुआ, हैरान, परेशान लड़का गुस्से में माथा पकड़ कर वहीँ बैठ गया ये सोचते हुए कि क्या-क्या नहीं किया उसने बुजुर्ग के लिए। तभी वह बुजुर्ग उसके पास आकर बैठा गया और मुस्कुराने लगा। लड़के ने सोचा अजीब बुजुर्ग है, मुझे परेशान करके खुद हंस रहा है। बुजुर्ग ने उसकी पीठ को थपथपाया और कहा: बेटा, जीवन के मूल्यवान सबक सिखाये नहीं जा सकते, उन्हें अनुभव करना पड़ता है। मेरा जो व्यवहार था, वो तुम्हें कुछ सीखाने के लिए था। तुमने जितने भी केले मुझे दिए, वो सब अच्छे थे। लेकिन जैसा मेरा व्यवहार था, जीवन में लोग ऐसे ही होते हैं। वो आपको ऐसा महसूस कराएंगे कि आप अच्छे नहीं हैं, आपमें कोई कमी है।

साभार – सोशल मीडिया पर प्राप्त एक सार्थक सन्देश 

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