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बीएमसी बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार – 16 साल का सपना होगा साकार, 250 एमबीबीएस सीटों की तैयारी

बुंदेलखंड के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) के लिए एक स्वर्णिम युग की शुरुआत होने जा रही है। पिछले 16 वर्षों से देखा जा रहा एक बड़ा सपना अब हकीकत में बदलने वाला है। कॉलेज प्रबंधन ने अपनी क्षमता को विस्तार देते हुए अब 250 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश की तैयारी शुरू कर दी है। डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर के प्रयासों ने भरी उड़ान कॉलेज के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर के कार्यभार संभालने के बाद से ही संस्थान के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक स्तर में आमूलचूल परिवर्तन देखे गए हैं। उन्हीं के प्रयासों का परिणाम है कि कॉलेज ने पहले 125 से 150 सीटों का सफर तय किया और अब सीधे 250 सीटों के लिए आधारभूत संरचना (Infrastructure) तैयार कर ली गई है।

यूनिवर्सिटी की टीम कर चुकी है निरीक्षण –  हाल ही में मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (MPMSU) की एक उच्च स्तरीय टीम ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज का दौरा किया था। टीम ने यहाँ: निर्माणाधीन कार्यों और नए वार्डों का निरीक्षण किया। अत्याधुनिक लैब, लेक्चर हाल, हॉस्टल और अन्य सुविधाओं को जांचा साथ ही अस्पताल की बेड क्षमता और मरीजों के उपचार हेतु उपलब्ध संसाधनों का आकलन किया। बता दें कि मेडिकल कॉलेज के मेनपानी में हॉस्टल का कार्य प्रगति पर है साथ ही लेक्चर हॉल का निर्माण भी एक साल में होने की संभावना है। यूनिवर्सिटी टीम की रिपोर्ट के आधार पर, कॉलेज प्रबंधन ने राष्ट्रीय एनएमसी को 250 सीटों की मान्यता के लिए आवेदन भेजा है।

क्यों खास है यह उपलब्धि? स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर: सीटों में वृद्धि होने से बुंदेलखंड के मेधावी छात्रों को डॉक्टर बनने के लिए दूसरे शहरों या राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं: मेडिकल नियमों के अनुसार, सीटें बढ़ने पर सीनियर रेजिडेंट्स और जूनियर डॉक्टर्स की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे अस्पताल में 24 घंटे बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: 250 सीटों के मानक पूरे करने के लिए कॉलेज में नए हॉस्टल, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर और रिसर्च सेंटर का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है।

16 साल का संघर्ष और सफलता संस्थान की स्थापना के समय से ही इसे एक पूर्ण क्षमता वाले मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने की मांग की जा रही थी। जानकारों का कहना है कि यदि यह लक्ष्य प्राप्त होता है, तो बीएमसी मध्य प्रदेश के शीर्ष मेडिकल कॉलेजों की सूची में शामिल हो जाएगा। डॉ. पी.एस. ठाकुर, डीन, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज ने कहा है कि हमारा लक्ष्य केवल सीटें बढ़ाना नहीं, बल्कि बुंदेलखंड के हर गरीब मरीज को विश्वस्तरीय इलाज और छात्रों को श्रेष्ठ शिक्षा देना है। यूनिवर्सिटी टीम का निरीक्षण सकारात्मक रहा है और हमें जल्द ही 250 सीटों मिलने की उम्मीद है।

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