शिक्षा और स्वास्थ मानव जीवन के लिये सबसे अधिक आवश्यक इन दो सुविधाओं की सहज और सरल उपलब्धता किसी भी सरकार के लिये सर्वोपरी लक्ष्य होना चाहिये लेकिन क्या आज इन दोनो ही सेवाआंे में नैतिकता बची है या फिर ये आज के सबसे बड़े व्यवसाय बन चुके है हम सभी इस तथ्य से परिचित है लेकिन राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सार्वजनिक मंच से इसे उजागर करते हुए चिंता व्यक्त की ।
आज के दौर में अपराध की हदें रोज एक नया रिर्काड सा बनाती हुई लगती…
मै बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य का मुरीद हो गया हूँ. सामिक भाजपा…
ज़रा एक क्षण के लिए उन लाखों बच्चों की मनःस्थिति की कल्पना कीजिए जिन्होंने इस…
भारत को खतरा कोकरोच से ज्यादा पड रही प्रचंड गर्मी से है. लेकिन इसकी चर्चा…
पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित रक्तदान शिविर में 2221 यूनिट…
सत्ता से संरक्षित भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी अब अमेरिका में जेल जाने से बच गए…