शिक्षा और स्वास्थ मानव जीवन के लिये सबसे अधिक आवश्यक इन दो सुविधाओं की सहज और सरल उपलब्धता किसी भी सरकार के लिये सर्वोपरी लक्ष्य होना चाहिये लेकिन क्या आज इन दोनो ही सेवाआंे में नैतिकता बची है या फिर ये आज के सबसे बड़े व्यवसाय बन चुके है हम सभी इस तथ्य से परिचित है लेकिन राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सार्वजनिक मंच से इसे उजागर करते हुए चिंता व्यक्त की ।
ग्राम सोठिया, बरौदासागर और हिन्नोद में मंत्री राजपूत ने किया 15 करोड़ के विकास कार्यों…
केंद्र सरकार से सिफारिश निरस्त करने और होलसेल दवा लाइसेंस में फार्मासिस्ट की अनिवार्यता की…
सागर संसद में सागर लोकसभा क्षेत्र की सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने संविधान संशोधन विधेयक, संघराज्य क्षेत्र…
जिस तरह से भाजपा खेमे से चर्चा चल पड़ी है कि वह प्रदेश की राज्यसभा…
संसद में महिला आरक्षण बिल को सभी दलों का सर्मथन प्राप्त है फिर भी इसमें…
“शिक्षित बनो, संघटित रहो, संघर्ष करो“ डॉ. भीमराव अम्बेडकर (प्रचलित नाम: बाबासाहेब अम्बेडकर) भारतीय इतिहास…