हमारा इतिहास

हमारा इतिहास : मिनीमाता और दलित राजनीति का श्री गणेश

उन दिनों छत्तीसगढ़ में दलित राजनीति का प्रादुर्भाव सतनामी समाज के माध्यम से हो रहा था सतनामी समाज छत्तीसगढ़ के मैदानी भागों में बहुत ही शक्तिशाली समुदाय है इसकी स्थापना 18वीं सदी में गुरु घासीदास ने की थी बलौदा बाजार के पास गिरोधपुरी का जाइत स्तम्भ इस पंथ का सबसे बड़ा प्रतीक है घासीदास के प्रपौत्र गुरु अगम दास एक बार अपने अनुयायियों से मिलने असम गए वहीं उन्होंने एक छत्तीसगढ़ी प्रवासी कन्या मिनीमाता से विवाह कर लिया।  मिनीमाता हिंदी ,अंग्रेजी ,असम और बांग्ला भाषा की जानकारी और बहुत विद्वान थी . अगम दास अपनी गुरु परंपरा और सनातनी सतनामी समाज के प्रभाव के चलते 1923 से ही 1930 से ही सीपी एंड बरार में विधायक थे।  कालांतर में वे बिलासपुर से कांग्रेस पार्टी के लोकसभा सदस्य बने।

कृपया यह भी पढ़ें – 

1954 में उनकी मृत्यु के बाद जवाहरलाल नेहरू ने उनकी पत्नी मिनीमाता को टिकट दिया मिनीमाता चार बार सांसद रही स्वतंत्र भारत में भी दलित राजनीति का महत्वपूर्ण स्तंभ रही । छत्तीसगढ़ में उन्होंने शिक्षा के प्रचार-प्रसार आधुनिक जगत से जुड़ी कई संस्थाएं आरम्भ करवाई । मिनी माता का स्थान सतनामी समाज में एक अवतार के समान है।  अपने इलाके में जिस तरह से दलित चेतना का संचार उन्होंने किया वह चिरस्थाई है। यही कारण है कि 80 के दशक में कांशीराम ने अपने जीवन का पहला चुनाव इसी इलाके से लड़ा जांजगीर सतनामी समाज का गढ़ माना जाता है । मिनीमाता के युग का असामयिक अंत उस समय हो गया जब उनकी 16 सीटों वाला जहाज दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया भोपाल से दिल्ली जा रही थी।

वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनैतिक विश्लेषक
श्री दीपक तिवारी कि किताब “राजनीतिनामा मध्यप्रदेश” से साभार ।

वीडियो समाचारों के लिये कृप्या हमारे चैनल की लिंक पर क्लिक करें और हमारे चैनल को सबस्क्राईब कर हमारे लघु प्रयास को अपना विराट सहयोग प्रदान करें , धन्यवाद।

https://www.youtube.com/c/BharatbhvhTV

Share this...
bharatbhvh

Recent Posts

जंतर-मंतर से उठी आवाज, राहुल गांधी का वार “लाठी से भीड़ रुक सकती है, सवाल नहीं”

गांधी जयंती के दिन दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर राजनीतिक टकराव का केंद्र बना।…

4 hours ago

मध्य प्रदेश BJP की पहली कोर ग्रुप बैठक में उठे सवाल

“भाजपा की कोर ग्रुप बैठक में मंत्रियों की शिकायतें सामने आईं—अधिकारी नहीं सुनते, संगठन में…

1 day ago

ई-चालान को नजरअंदाज करना पड़ेगा भारी, सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

नई दिल्ली: भारतभवः ।     ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर ई-चालान कटने के बाद उसे…

1 day ago

कर्नाटक में वोटर लिस्ट पर सियासी संग्राम, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का धरना

बेंगलुरु। भारतभवः । कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर…

1 day ago

रबी फसलों की MSP बढ़ी, गेहूं पर ₹25 की बढ़ोतरी खाद सब्सिडी को भी मंजूरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए छह प्रमुख रबी फसलों…

2 days ago

भारतीय पायलट की हिम्मत से टला बड़ा हवाई हादसा

बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में जो कुछ हुआ,…

2 days ago