मध्यप्रदेश कर्मचारी कल्याण समिति की पहल पर मध्यप्रदेश में शासकीय अधिकारियों कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु बढाने के प्रस्ताव का विरोध भी होने लगा है मध्यप्रदेश में युवाओ के साथ साथ बुद्धिजीवी वर्ग ने सरकार के इस प्रस्ताव को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला बताया है। मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ ने भी रिटायरमेंट की आयु सीमा को 62 से बढाकर 65 करने वाले सरकार के प्रस्ताव का विरोध में तर्क देते हुए कहा कि औसत आयु पूरी कर चुके बुर्जुग कर्मचारियों की आयुसीमा बढाये जाने से कार्यालयों की कार्यक्षमता पर विपरीत असर पड़ेगा और भविष्य में अनुकंप नियुक्ति के प्रकरण भी चुनौती बन सकते हैं गौरतलब है कि मोहन यादव सरकार प्रदेश में अधिकारियों कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 62 से 65 वर्ष करने पर विचार कर रही है इससे पहले 2018 के विधानसभा चुनावों में रिटायरमेंट आयु को 60 वर्ष से बढाकर 62 वर्ष किया गया था।
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