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भारत-उज्बेकिस्तान रिश्तों को नई ऊंचाई, PM मोदी को मिला सर्वोच्च सम्मान

ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मजबूत होते रणनीतिक रिश्तों के साथ-साथ कूटनीतिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण रही। यात्रा के दौरान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ओली दाराजली दोस्तलिक’ से सम्मानित किया। उज्बेक भाषा में इसका अर्थ ‘उच्च स्तरीय मित्रता’ है।यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकी तथा प्रधानमंत्री मोदी के योगदान को रेखांकित करता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान बताया गया है।

                                      मोदी की यात्रा का महत्व सिर्फ सम्मान तक सीमित नहीं रहा। दोनों देशों के बीच यूरेनियम आपूर्ति को लेकर भी चर्चा और समझौता हुआ। इसके अलावा भारत और उज्बेकिस्तान ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार एक अरब डॉलर से अधिक बताया गया है।ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में रक्षा सहयोग को भी प्रमुखता दी गई। प्रधानमंत्री के अनुसार, दोनों देश रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष सहयोग, संयुक्त रूप से हथियारों का उत्पादन और नई तकनीक विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।यह संकेत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रणनीतिक और सुरक्षा संबंधों को लगातार मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।बैठक में आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद को क्षेत्र की गंभीर चुनौतियों के रूप में स्वीकार किया गया। दोनों देशों ने इन खतरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखने पर सहमति जताई।प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों को साझा इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंधों की नींव काफी पुरानी और मजबूत है।

                                    उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद स्थित भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्मारक पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा उन्होंने ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज का भी दौरा किया।प्रधानमंत्री मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान निश्चित रूप से भारत की कूटनीतिक सक्रियता के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन इस यात्रा की असली तस्वीर सम्मान से कहीं आगे दिखाई देती है—यूरेनियम सहयोग, रक्षा साझेदारी, आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति और 5 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा देने वाले कदम हैं।भारत के लिए मध्य एशिया रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और उज्बेकिस्तान इस क्षेत्र का एक प्रमुख साझेदार है। ऐसे में मोदी की यह यात्रा भारत की ‘कनेक्ट सेंट्रल एशिया’ नीति को और मजबूत करने की कोशिश के रूप में भी देखी जा सकती है।

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