जगद्गुरू श्री रामभद्राचार्य जी ने हुनुमान चालीसा में चार पंक्तिया बताई है जो अपभ्रष होते होते गलत अर्थ लिये हुए है उन्हाने उन गलतियों का सत्य अर्थ एवं भाव भी बताया
1 शंकर सुमन नहीं शंकर स्वयं केशरी नंदन
2 सदा रहो रघुपति के दासा नहीं सादर हो रघुपति के दासा
3 सब पर राम तपस्वी राजा नहीं राम सर ताजा
4 जो सत बार पाठ कर कोई नहीं सब बार पाठ कर जोई
संबधित खबर का वीडियो देखने के लिए नीचे दी गयी लिंक पर क्लिक करें
https://youtube.com/shorts/6AirL2Y9U88
https://youtube.com/shorts/6AirL2Y9U88
चौकाने वाली राजनीती की जनक मणि जाने वाली मोदी और शाह की नयी भाजपा ने…
सपा प्रमुख ने राम मंदिर ट्रस्ट की न्यायिक जांच की भी उठाई मांग, भाजपा पर…
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के तीन दिन निकल जाने के…
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी…
नई दिल्ली - भारतभवः देश भर में भरी वरिष्ठ का दौर वायनाड में भूस्खलन ने…
मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक ऐसा किरदार हैं जिनका आकलन करने में अक्सर…