सागर। जहरीली शराब पीने से हुई मौतों और कई लोगों के बीमार पड़ने के मामले घटना की तह तक पहुंचने और इसके लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाने के लिए गठित एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग शनिवार को बंडा पहुंचा। आयोग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और मामले से जुड़े कुछ लोगों से बातचीत की। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विष्णु प्रताप सिंह चौहान की अध्यक्षता में गठित यह आयोग तीन महीने के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपेगा।
शनिवार को आयोग की टीम बंडा पहुंची, जहां जहरीली शराब से जुड़ी घटना के विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई गई। टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्रित किए और स्थानीय लोगों से बातचीत कर घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया। आयोग इस बात की पड़ताल कर रहा है कि आखिर शराब में ऐसा क्या था, जिसके सेवन से लोगों की जान चली गई और कई लोग बीमार हो गए।न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष विष्णु प्रताप सिंह चौहान सागर पहुंच चुके हैं। आयोग का मुख्यालय पुराने आरटीओ कार्यालय परिसर में स्थित छात्रावास भवन में बनाया गया है। यहां से जांच संबंधी कार्यों का संचालन किया जाएगा।जांच का दायरा केवल घटनास्थल तक सीमित नहीं रहेगा। आयोग बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सहित संबंधित विभागों से भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहा है। जहरीली शराब के सेवन से बीमार हुए लोगों के उपचार, मौतों की परिस्थितियों और प्रशासनिक स्तर पर की गई कार्रवाई से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।
तीन महीने में शासन को सौंपनी है रिपोर्ट
राज्य शासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। आयोग को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची, इसकी बिक्री और वितरण में किन लोगों की भूमिका रही तथा समय रहते इस पर रोक क्यों नहीं लग सकी? आयोग की जांच से इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।
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