मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग में एक मुददा इन दिनो चर्चाओं में बना हुआ है हालाकि यह खबर कोई नहीं है लेकिन अब सबके सामने है । मध्यप्रदेश में ऐस कई विधालय है जहां भारी वेतन लेकर शिक्षक घर में आराम करते है और बेराजेगार युवक युवतियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे अपने हिस्स्े का काम थोड़े पैसो में कराया जाता है । बीते दिनो जब यह खबर अखबारों की सुर्ख्रियां बनी तो स्कूल शिक्षा विभाग हरकत में आया कार्यवाही भी हुई लेकिन अब जब खुद शिक्षा मंत्री ने एक आम सभा में यह बताया कि शिक्षा तंत्र में बेईमानी का यह जाल किस हद तक फैला हुआ है तो यह कार्यवाही उंट के मुह मे जीरा के समान ही है ।
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