भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया कू ऐप पर दी जानकारी दो युवा वैभव देवांगन और धीरज यादव ने एआई (A. I.) संचालित तकनीक की मदद से किया प्रोजेक्ट तैयार।
छत्तीसगढ़ न्यूज़ डेस्क
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की सबसे ज्यादा कारगर एवं उपयोग में आने वाली तकनीकी के रूप में देखा जाता है वर्तमान में हर क्षेत्र में तेजी से इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। यह इंसानी जिंदगी का एक तरह से पहिया बनता जा रहा है। यही वजह है कि ए आई का कारोबार तेजी से विस्तार ले रहा है। भारत में भी इसकी उपयोगिता बढ़ती जा रही है। भारत सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा दे रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकि का सकारात्मक एवं रचनात्मक पहलू छत्तीसगढ़ से सामने आया है जहां छत्तीसगढ़ के दो युवा वैभव देवांगन और धीरज यादव ने एक एंसा प्रोजेक्ट तैयार किया है जिससे फसलों के बीच में उगे खरपतवारों को पहचानने में मदद मिलेगी।
अपने आप में नवीन एवं कृषि क्षेत्र में क्रांति ला सकने वाले इस प्रोजेक्ट केबारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू पर डिजिटल इंडिया ने एक वीडियो के साथ पोस्ट शेयर किया है। जिसमें डिजिटल इंडिया ने लिखा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस. द फ्यूचर ऑफ द नेशनए दो युवाओं ने एआई (A. I.) संचालित तकनीक की मदद से एक प्रोजेक्ट तैयार किया है। एआई के लिए वीड डिटेक्टर सिस्टम जो आसानी से खेतों में विभिन्न प्रकार के खरपतवारों की पहचान करता है और उन्हें हटाने में सहायता करता है।बता दें कि छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के शासकीय कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालयए नर्रा के छात्र वैभव देवांगन और धीरज यादव द्वारा एआई तकनीक से तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट किसानों के लिए मददगार साबित हो सकता है।
हाल ही में केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्वनी वैष्णव ने नई दिल्ली के भारतीय पर्यावास सेंटर में छत्तीसगढ़ के इन दोनों छात्रों को मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया था। छात्रों ने इस तकनीक के उपयोग से कृषि प्रधान राज्य के किसानों की सुविधा के लिए यह प्रोजेक्ट बनाया है। ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले किसान पुत्रए छात्र वैभव और धीरज ने इस सॉफ्टवेयर को फसलों के बीच उगे खरपतवारों को पहचानने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के उपयोग से बनाया है।
जानें. क्या है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (A. I.)
असल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ऐसा अध्ययन है जिसमें ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया जाता है जिससे एक कंप्यूटर इंसान की तरह और इंसान से भी बेहतर प्रतिक्रिया ;रिस्पॉन्स दे सके। एक्सपर्ट सिस्टमए गेम प्लेइंग स्पीच रिकग्निशन, नेचरल लैंग्वेज, कंप्यूटर विजन, न्यूरल नेटवर्क, रोबोटिक्स, फाइनेंस, कंप्यूटर साइंस, वेदर फोरकास्ट और एविएशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मुख्य एप्लिकेशंस हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने इंसानों के काम को बहुत आसान बना दिया है। जो काम 100 इंसानी दिमाग मिलकर करते हैंए उसे एक मशीन कुछ ही घंटों में कर देती है।
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