मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – तीर कमान से बात जुबान से

मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – तीर कमान से बात जुबान से

कमान से निकला तीर और मुंह से निकले शब्द कभी वापस नहीं आते इस पर तीर का घाव तो मिट सकता है लेकिन बोली का घाव हमेशा रहता है और जब एक से ज्यादा बार बिगड़े बोल किसी से निकलते हैं तो फिर सॉरी माफी जैसे शब्द भी बौने साबित हो जाते हैं कुछ ऐसा ही मंत्री विजयशाह के साथ हो रहा है। दरअसल कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकियों की बहन बताने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह शाह ने 10 दिन में तीसरी बार शुक्रवार को माफी मांगी है उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा है जय हिंद पिछले दिनों पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से मन दुखी और विचलित था मेरा राष्ट के प्रति अपार प्रेम और भारतीय सेना के प्रति आदर और भारतीय हमेशा रहा है मेरे द्वारा कहे गए शब्दों से समुदाय धर्म और देशवासियों को दुख पहुंचा है यह मेरी भाषाई भूल थी मेरा आशय किसी भी धर्म जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना या आहत करना नहीं था भूल बस अपने द्वारा कहे गए शब्दों के लिए मैं पूरी तरह भारतीय सेना बहन कर्नल सोफिया कुरैशी और देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हूं और पुनः हाथ जोड़कर आप सबसे माफी मांगता हूं ।

इसके पहले मंत्री विजय शाह ने 13 मई और 14 मई को माफी मांगी थी यहां बताते चलें कि मंत्री विजय शाह की कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी के बाद हाई कोर्ट के आदेश पर उन पर एफआईआर दर्ज की गई थी शाहीन ऐसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन वहां कोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन वहां भी कोर्ट ने उनकी माफी को नाम मंजूर उनके लेकर एसआईटी गठिया कर की जांचकर आदेश दे दिए हैं जिसके बाद तीन सदस्य सीट मामले की जांच में जुटी है और 28 मई तक जांच रिपोर्ट पेश होना है। बहरहाल विजय शाह के बयान पर विवाद होने और हाईकोर्ट द्वारा फिर का आदेश देने के बाद से विजय शाह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे हैं आखरी बार वे 14 मई को अपने हरसूद विधानसभा क्षेत्र में हुए कार्यक्रम में शामिल हुए थे बिल्कुल नहीं 14 मई को उनके भोपाल आने की खबर थी लेकिन वे किसी को मिले नहीं जिस तरह से हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट का रुख इस मामले में बना हुआ है उसे विजयशाह वकीलों को साथ में रखकर अपने बचाव पक्ष को मजबूत करने में जुटे हुए हैं इस दौरान केवल उन्हें एक सुप्रीम कोर्ट से राहत यह मिल गई कि 19 मई को उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई इस दौरान इंदौर में हुई कैबिनेट की बैठक में भी विजयशाह शामिल नहीं हुए सूत्रों की माने तो विजय शाह को कैबिनेट की बैठक का एजेंडा भी नहीं भेजा गया था। कुल मिलाकर मंत्री विजय शाह इसके पहले भी बिगड़े बोल कई बार बोल चुके हैं प्राय माफी मांग कर या कहे शब्द वापस लेकर बच निकलते रहे हैं लेकिन यह दूसरी बार है जब उनकी मुश्किलें बढ़ गई है इसके पहले उन्होंने जब तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह को लेकर बोला था तब उनको मंत्री पद से हटाया गया था इस बार वे अपने बयान पर तीसरी बार माफी मांग चुके हैं मामले में सीट को जांच करके अपनी स्टेटस रिपोर्ट 28 मई तक कोर्ट में पेश करनी है शायद यही कारण है कि वे सार्वजनिक रूप से बाहर जाने में कतरा रहे हैं मीडिया से भी मिल कि कहीं कोई फिर से गड़बड़ ना हो जाए वकीलों के साथ कानूनी तैयारी तो कर ही रहे हैं सीट की स्टेटस रिपोर्ट फाइल होने का भी उन्हें इंतजार है क्योंकि उसी के बाद कोर्ट कोई निर्णय लेगा और उस पर पार्टी हाई कमान के निर्णय का भी उन्हें इंतजार है।

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