हंसी-ठिठोली

साहब – मेमसाब और तोता ?

हुआ यूँ की हांथों की लकीरों में राजयोग लिखाये बैठे एक साधारण क्षमता वाले व्यक्ति साहब बन गए , फिर उसके बाद उनकी साहब स्टाइल वाली जीवनशैली और ठाठ बाथ शुरू हो गए ,साहेब की शादी भी एक मेमसाब से हो गयी नयी नयी शादी के बाद एक दिन साहब ने मेमसाब से पूंछा में तो दिन भर ऑफिस में काम करता रहता हूँ इतने काम रहते है कि तुम पर ध्यान ही नहीं दे पता चाहकर भी तुम्हारे लिए समय नहीं निकल पता । तुम बताओ तुम अकेली घर पर बोर नहीं हो जाती ।

मेमसाब बोलीं – बोर तो हो जाती हूँ पर आपको डिस्टर्ब इसलिए नहीं करती कि आप न जाने कौन सा जरुरी काम कर रहे होंगे । हमसे तो बात करने के लिए भी कोई नहीं है यहाँ ।

साहब – बात तो सही है , तुम तैयार हो जाओ आज बाजार से एक बोलने वाला तोता ले आएंगे जो तुमसे खूब सारी बात करेगा और तुम्हे मेरी कमी महसूस नहीं होगी ।

मेमसाब – हां ये बढ़िया रहेगा

साहब और मेमसाब तोता खरीदने बाजार जाते हैं वहां एक दुकान पर जाकर उन्होंने एक तोते कि कीमत पूँछी।

दुकानदार – 500 रुपये

साहब  – इतना महँगा..?

दुकानदार – हाँ साब इसकी खासियत है कि ये हर आने जाने वाले पर नजर रखता है कोई भी इसकी नजर से बच नहीं सकता ।

साहब – चलो ठीक है और वो उसके बाजु वाला तोता कितने का का है?

दुकानदार – इसके 2000 लगेंगे साहब।

साहब – क्यों इसमें क्या ख़ास है?

दूकानदार –  ये तोता इसे वर्ड, एक्सेल और पॉवरपॉइंट आता है कंप्यूटर में फटाफट टाइपिंग करता है ।

साहब  – अरे वह और ये वाला? तीसरे तोते की ओर इशारा करते हुए पूछा.

दुकानदार – 3000 रुपये, क्यूंकि इसे वर्ड, एक्सेल पॉवरपॉइंट के साथ साथ  प्रोग्रामिंग भी आती है।

अरे वाह! साहब मेडम कि तरफ देखकर मुस्कुराये और बोले कमाल कि खासियत है तुम्हारे तोतों में तो

और ये जो सबसे अलग बैठकर सोया है? इसकी क्या खासियत है भाई महंगा लगता है कीमत भी बताओ

दुकानदार– इसकी क़ीमत 5000 है

साहब  – अच्छा इसे ऐंसा  क्या आता है?

दुकानदार – इसे क्या आता है, पता नहीं, लेकिन ये तीनो तोते उसे “साहब” कहकर बुलाते हैं!!

अब साहब तिरछी नजर से मेमसाब को देख रहे थे , और मेमसाब सीधी नजर से “साहब तोते” को देखकर ठहाके लगा रहीं थी ।

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