मध्यप्रदेश में इन दिनो नोटा चर्चा का विषय बना हुआ है । क्या इंदौर लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन वापिस लेना भाजपा के लिये जोखिम भरा हो सकता है । या इंदौर मंे नोटा का जो हल्ला बना हुआ है उससे भाजपा डरी हुई है कम से कम भाजपा नेताओं के बयानो से तो यही लगता है। इंदौर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी अक्षय बम की नामांकन वापिस लेने के बाद भी चुनावी रंग उतरा नहीं है बल्कि कांग्रेस द्धारा नोटा के सर्मथन में की जा रही लगातार अपील के बाद यह दिलचस्प हो गया है । भाजपा की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी इंदौर में हुए घटनाक्रम को गैर जरूरी बताया था अब कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी लागातार नोटा के पक्ष में मतदान की अपील कर रहे है तो भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और कैलाश विजयवर्गीय के बयान भी सामने आये है जिसमें वे नोटा के विकल्प को लोकतंत्र के लिये घातक बता रहे है ।
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