राजनीतिनामा

मप्र विधानसभा चुनाव: कार्यकर्ता ना रहे कमजोर कड़ी!

भोपाल। भाजपा की अधिकांश बैठकों का निष्कर्ष यही है कि 2023 विधानसभा चुनाव में कहीं भी कार्यकर्ता कमजोर कड़ी ना बना रहे इसके लिए चुनाव के पहले हर हाल में उपकृत और उत्साहित करना है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं की खामोशी पार्टी को भारी पड़ी थी। यही कारण है कि अब सत्ता और संगठन में नियुक्तियों का दौर चलेगा।

दरअसल, प्रदेश में लंबे समय से भाजपा की सरकार है इस कारण स्वाभाविक रूप से कार्यकर्ताओं की अपेक्षाएं उफान पर है। विधानसभा के चुनाव के पहले विभिन्न निगम मंडलों में नियुक्तियों की आस लगाए नेताओं को यदि अभी जिम्मेदारी नहीं सौंपी तो फिर देर हो सकती है। विभिन्न विभागों में कार्यकर्ताओं को विभिन्न समितियों में एडजस्ट करने का समय भी निकला जा रहा है जो भी भाजपा की बैठ के हुई है उसमें लगभग इस पर सहमति बन गई थी कि दीपावली बार नियुक्तियों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसके कारण और भी बेचैनी बढ़ गई है पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश भोपाल पहुंचते ही इस पर तेजी से काम करने वाले हैं। इस दौरान उनकी संगठन के नेताओं से महत्वपूर्ण चर्चा होगी और जरूरी हुआ तो मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे जिससे कि सत्ता और संगठन से जुड़े जो भी महत्वपूर्ण फैसले लेना है।

उन्हें तुरंत ले लिया जाए क्योंकि प्रदेश की राजनीति चुनावी मोड में आ चुकी है। ऐसे में गांव गली चौपालों से लेकर महत्वपूर्ण जगहों पर कार्यकर्ता और पार्टी के नेता पार्टी के लिए माउथ पब्लिसिटी पहले कि जैसे करने लगे। अभी भाजपा को कांग्रेस से ज्यादा खतरा भाजपा के निष्क्रिय और असंतुष्ट कार्यकर्ता और नेता से ज्यादा महसूस हो रहा है और इसी कमजोर कड़ी को दूर करने की रणनीति पर काम किया जाना है। पार्टी नेताओं को पूरा भरोसा है कि समय रहते भाजपा का कार्यकर्ता चुनाव के लिए पूरी ताकत से मैदान में आ जाएगा। जो भी भाजपा के जनप्रतिनिधि है। उन्हें भी पिछले दिनों साफ तौर पर कह दिया गया है कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की उपेक्षा ना करें। उनके जरूरी कार्यों को प्राथमिकता पर करें और जब वह मिलने आए तो उन्हें सम्मान के साथ बिठाया जाए।

बहरहाल, अब कुछ ही दिनों में सत्ता और संगठन में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेजी से शुरू होगी। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष पिछले दिनों जब भोपाल आए थे। उसके बाद से ही दीपावली बाद निगम, मंडल, आयोग व बोर्ड में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के खाली पदों पर भाजपा कार्यकर्ताओं की नियुक्तियां करने की सहमति बन गई थी। दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की मुलाकात और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश की। भोपाल यात्रा से अब इस बात की संभावनाएं बढ़ गई हैं की कार्यकर्ताओं को उपकृत करने का सिलसिला तेजी से शुरू होगा।

कुल मिलाकर 2018 के विधानसभा चुनाव के परिणाम सबक लेकर और त्रिस्तरीय पंचायती राज एवं नगरीय निकाय चुनाव में कार्यकर्ताओं की भूमिका देखने के बाद पार्टी नेताओं ने लगभग तय कर लिया है जहां-जहां पद खाली है और कार्यकर्ताओं को एडजस्ट किया जा सकता है वहां आप किसी भी प्रकार की देरी नहीं की जाए।

 

आलेख- श्री देवदत्त दुबे 

वरिष्ठ पत्रकार मध्यप्रदेश ।

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