कलमदार

फिर आया मौसम झूम के चुनावों का

सावधान इस साल देश कोई विकास कार्य शायद ही कर पाए क्योंकि अघोषित रूप से वर्ष 2026 चुनावों का साल है. इस साल अप्रैल से चुनाव का साल शुरू हो जाएगा. सरकार आम बजट पेश करने के फौरन बाद चुनाव में उलझ जाएगी.
आपको बता दूं कि साल 2026 में चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने है. असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा के चुनाव होने हैं. असम विधानसभा में 126 सीटें, केरल में 140, तमिलनाडु में 234, पश्चिम बंगाल में 294 और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की विधानसभा की 30 सीटें है. इसके साथ ही देश के अलग-अलग राज्यों की 75 राज्यसभा सीटें अप्रैल से लेकर जून और नवंबर 2025 खाली हो रही है, जिसमें यूपी की 10, बिहार की 5, महाराष्ट्र की 7, राजस्थान और मध्य प्रदेश की 3-3 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने है. इसके अलावा तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी राज्यसभा चुनाव होने है.
साल 2026 में देश के कुछ राज्यों में विधानसभा के उपचुनाव भी है. मौजूदा विधायक के निधन से सीटें खाली हुई हैं. गोवा की पोंडा क्षेत्र, कर्नाटक का बागलकोट क्षेत्र और यूपी की घोसी सीट, महाराष्ट्र की राहुरी, मणिपुर की ताडुबी सीट और नागालैंड की कोरिडांग सीट पर चुनाव होने हैं. इसके अलावा कई राज्यों में स्थानीय निकाय चुनाव भी होने हैं, जिसमें महाराष्ट्र के लेकर यूपी तक शामिल है.
महाराष्ट्र में बीएमसी सहित 29 महानगर निगम के चुनाव हो रहे हैं, लेकिन जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव 2026 में होना है. चुनाव आयोग ने 31 जनवरी 2026 तक निकाय चुनाव करने का लक्ष्य रखा है. हिंदी पट्टी के सबसे अहम सूबे यूपी में पंचायत चुनाव 2026 में होने है, जिसे 2027 का सेमीफाइनल माना जा रहा है. ग्राम पंचायत के प्रधान से लेकर क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्यों व अध्यक्षों के चुनाव होंगे.
सबसे बडा और कडा मुकाबला पश्चिम बंगाल में होगा. बंगाल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 7 मई, 2026 को खत्म हो रहा है, जिसके चलते यहां पर निर्वाचन आयोग अप्रैल-मई 2026 में चुनाव करा सकता है. बंगाल में कुल 294 विधासनभा सीटें है. 2021 के चुनाव में टीएमसी ने 213 सीटें जीती थी तो बीजेपी को सिर्फ 77 सीटें मिली थी.
बंगाल के बाद तमिलनाडु में चुनावी बिसात बिछेगी. तमिलनाडु विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 10 मई 2026 को खत्म हो रहा है. तमिलनाडु में भी डीएमके के नेता स्टालिन की परीक्षा होनी है. यहाँ एआईएडीएमके अपनी वापसी के लिए बेताब है लेकिन भाजपा के साथ गठबंधन टूटने के बाद मुकाबला किस करवट बैठेगा, कोई नहीं जानता.
2021 के चुनाव में एमके स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके ने राज्य की कुल 234 में से 133 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी, डीएमके के साथ गठबंधन में कांग्रेस ने 18 सीटे जीती थीं . सूबे की सत्ता पर 10 सालों तक काबिज रही एआईएडीएमके महज 66 सीटें जीत पाई थी लेकिन यहा भाजपा को भी चार सीटें मिली थीं.
इस बार के सियासी हालत बदल गए हैं. इस बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सिर्फ एनडीए और इंडिया ब्लॉक में ही नहीं बल्कि तीसरा फ्रंट भी मैदान में है. तमिल एक्टर थलपति विजय ने अपनी पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कज़गम बनाकर डीएमके बनाम एआईएडीएमके की लड़ाई को त्रिकोणीय बना दिया है. ऐसे में देखना है कि स्टालिन कैसे अपनी सत्ता बरकरार रखते हैं?
वामपंथियों के इकलौते गढ केरल में विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 23 मई 2026 को समाप्त हो रहा है. ऐसे में केरल में अप्रैल-मई 2026 में चुनाव होने की संभावना है. केरल में लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल करने वाले वाम मोर्चा के सामने भी यूडीएफ चुनौती है. केरल में पिनराई विजयन अगर तीसरी बार सफल होते हैं तो रेकॉर्ड बन जाएगा, लेकिन हार जाते हैं तो लेफ्ट का देश से सफाया हो जाएगा. ऐसे में वामपंथियों के लिए अपना आखिरी किला बचाए रखने की चुनौती है.
केरल का चुनाव वमियों की अगुवाई वाले एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन के बीच है. 2021 के चुनाव में एलडीएफ ने 99 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी थी. इस बार कांग्रेस की कोशिश सत्ता में वापसी की है. प्रियंका गांधी केरल से सांसद हैं तो राहुल गांधी के खासुलखास माने जाने वाले केसी वेणुगोपाल भी केरल से आते हैं. इस लिहाज से कांग्रेस सत्ता में आने के लिए बेताब है तो भाजपा की अपना सियासी जनाधार बढ़ाए रखने में जुटी है.भाजपा ने हाल ही में स्थनीय निकाय चुनाव में अपनाखाता खोला है.
भाजपा शासित असम विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल भी 20 मई 2026 को खत्म हो रहा है. असम में अप्रैल-मई 2026 में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है. भाजपा 2016 से असम की सत्ता में है और लगातार दो विधानसभा चुनाव जीत चुकी है और तीसरी बार सत्ता में आने क जुगत में है तो कांग्रेस की कोशिश अपने सियासी वनवास को खत्म करने की है.
साल 2021 के असम विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने 126 में से 75 सीटों पर जीत दर्ज कर सत्ता बरकरार रखी थी. कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 50 सीटों पर जीत दर्ज की थी. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा है. असम में एक तीसरा फ्रंट मुस्लिम सियासत के बदरुद्दीन अजमल का है.
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 15 जून, 2026 को खत्म हो रहा है. यहां पर मई-जून 2026 तक विधानसभा चुनाव हो जाएंगे. 2021 के पिछले चुनाव में ऑल-इंडिया एनआर कांग्रेस और भाजपा के गठबंधन ने कुल 30 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए सरकार बनाई थी. एएनआरसी ने 10 और भाजपा ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की थी इसके उलट कांग्रेस केवल 2 सीटें ही जीत पाई थी, यहां वर्तमान में एएनआरसी के संस्थापक एन रंगासामी मुख्यमंत्री हैं. इस बार भी मुकाबला एनडीए बनाम इंडिया ब्लॉक के बीच है.
जाहिर है कि दक्षिण-पूर्व जीतने के लिए भाजपा, आर एस एस, पूरा कस बल लगाएंगे. प्रधानमंत्री भी चैन की साँस नहीं ले पाएंगे. भाजपा के नये कार्यकारी अध्यक्ष को भी इन चुनावों में अपना कौशल दिखाना होगा. देशश का आम बजट भी इस बार जनोन्मुखी होने के बजाय चुनावोन्मुखी होगा.
@ राकेश अचल

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