राजनीतिनामा

मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – हितानंद के फैसले से हिल गए दावेदार

भाजपा में चौंकाने वाले फैसलों की श्रृंखला में प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद नंद शर्मा का अचानक से दायित्व परिवर्तन होने से भाजपा के वे दावेदार हिल गाए है जो हितानंद शर्मा के भरोसे ही थे। दरअसल भाजपा में संगठन महामंत्र का पद महत्वपूर्ण माना जाता है जो की सत्ता और संगठन के बीच सेतु का काम करता है चाहे कोई भी फैसला हो संगठन महामंत्री को सिरफारिश पूर्ण मानी जाती है कृष्णमुरारी भीषे कमान सिंह सोलंकी अरविंद मेनन सुहाष भगत और हितानंद शर्मा ऐसे संगठन महामंत्री रहे हैं जिनके कार्यकाल में भाजपा मुनने से शिखर पर पहुंची पंचायत से पार्लियामेंट तक चुनाव जीत रही है इस दौरान इस संगठन मंत्रियों की सिफारिश पर न जाने कितने विधायक सांसद मंत्री बने होंगे नगरी निकाय और किन्नरोप पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों की तो कोई गिनती नहीं होगी इन संगठन मंत्रियों के इशारे पर चने होंगे यही नहीं विभिन्न निगम मंडलों में चाते नियुक्किों का मामला हो चाहे कोई महत्वपूर्ण दाचित्य सौंपा जाना हो संगठन महामंत्री  महत्वपूर्ण कड़ी होता है और संगठन मंत्रियों ने भी अपने-अपने कार्यकाल में भाजपा को मजबूत करने और कांग्रेस को कमतर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
बहरहाल प्रदेश भाजपा में महत्वपूर्ण फैसलों का इंतजार चल रहा है चाहे विभिन्न निगम मंडलों में नियुक्तियों का मामला हो चाहे मंत्रिमंडल विस्तार बात हो और फिर चाहे नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की
में स्थान पाने का मामला हो सभी पर पार्टी स्तर पर प्रक्रिया चल रही है सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि निगम मेडलों में होने वाली नियुक्तियों की सूची तैयार है जो कभी भी जारी ही सकती है इसी तरह मंत्रिमंडल विस्तार का भी मामला है तो कभी भी हो सकता है और भाजपा में जिस तरह से कई बार चौंकाने वाले फैसले आते हैं उसमें पक्के तौर पर कोई कुछ नहीं कह सकता  । अचानक से हितानंद शर्मा को संगठन महामंत्री के दायित्व से मुह करके संघ  के सह बौद्धिक प्रमुख गए ऐसे ही चौकाने वाले फैसले निगमकी मंडली की नियुक्तियों में मंत्रिमंडल विस्तार और राष्ट्रीय टीम पदाधिकारी बनने वालों के बारे में भी लिया जा सकता है इन बरकरार है।सब पर्दे पर वे सब दावेदार जरूर अंदर से हिल गए होंगे जिनको भरोसा था कि हितानंद शमी इन निर्णयों के समय उनको सिफारिश करेंगे अब जो भी नए संगठन महामंत्री चनेंगे उनके सामने इन दावेदारों को अपना परफॉर्मेस बताना पड़ेगा हालांकि भाजपा में व्यक्ति नहीं सिस्टम काम करता है और लगभग सभी नेताओं के प्लस माइनस पार्टी के पास सहते हैं।कुल मिलाकर चाहे राष्ट्रीय स्तर पर कोई फैसला हो प्रदेश स्तर पर कोई फैसला हो या फिर स्थानीय स्तर पर अधिकांश फैसलों में पिछले कुछ वर्षों से भाजपा चौकाने वाले पैसला से रही है सुहास भगत की जगह जब हितानंद शर्मा को संगठन महामंत्री बनाया गया था तब भी पार्टी ने चौकाया था और अया बनाएतानंद शर्मा का बदलकर भी पार्टी ने चौकाचा आगे और पार्टी कितने चौकाने वाले फैसले लेगी इसको लेकर पार्टी नेताओं में ही नहीं बल्कि राजनीतिक समीक्षकों में भी सस्पेंस बरकरार है ।

श्री देवदत्त दुबे  ,वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनैतिक समीक्षक, मध्यप्रदेश  

⇑ वीडियो समाचारों से जुड़ने के लिए  कृपया हमारे चैनल को सबस्क्राईब करें , धन्यवाद।

 

Share this...
bharatbhvh

Recent Posts

भारत – अमेरिका व्यापार समझौता भारत की आर्थिक, तकनीकी को देगा नई ऊंचाई – भूपेन्द्र सिंह

सागर। पूर्व गृह मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक भूपेन्द्र सिंह ने भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका…

15 hours ago

एआई इम्पैक्ट समिट – यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गिरफ्तार

दिल्ली में कांग्रेस द्धारा एआई इम्पैक्ट समिट में हंगामा करने का मामला दिन पे दिन…

23 hours ago

गनीमत है कि ट्रंप के ऊपर अदालत है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों को झटका लगा है, क्योंकि अमेरिका के सुप्रीम…

4 days ago

मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र – अदाणी से औकात तक

मध्य प्रदेश विधानसभा में चौथे दिन नेता प्रतिपक्ष अदाडी का मुद्दा उठाया जिस पर संसदीय…

5 days ago

मध्यप्रदेश बना रोलिंग बजट प्रस्तुत करने वाला देश का पहला राज्य

समृद्ध, सुखद और सम्पन्न मध्यप्रदेश के सपने को पूरा करेगा बजट 2026-27 : मुख्यमंत्री डॉ.…

7 days ago

ए. आई. (A. I. )भय का भूत या सचमुच का भस्मासुर

आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है ये जुमला होश सम्हालते ही रट लिया था…

7 days ago