वृन्दावन में संत प्रेमानंद महाराज जी की पदयात्रा फिर से दस दिनों बाद शुरू हो चुकी है यह पद यात्रा आज रात दस दिन बाद निकाली गई है गौरतलब है कि इसी यात्रा के रास्ते में पड़ने वाली एनआरआई सोसाइटी के कुछ लोगों ने प्रेमानंद महाराज जी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया था जिसके बाद यात्रा बंद हो गई थी मगर कुछ ही दिन पहले अपने उस कृत्य पर सोसाइटी के अध्यक्ष ने प्रेमानंद महाराज जी से क्षमा मांगी थी और यात्रा को पुनः आरंभ करने का निवेदन किया था।
भारतीय मुहावरे और कहावतें मुझे सिर्फ इसीलिए पसंद हैं क्योंकि वे सटीक भी लगती हैं…
1955 में मिसरिख (सीतापुर) के तरही मुशायरे की सदारत एक सूरत सीलदार कर रहे थे…
आज के दौर में अपराध की हदें रोज एक नया रिर्काड सा बनाती हुई लगती…
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