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ज्ञान, कर्म और भक्ति के धनी थे डॉ. गौर- उपमुख्यमंत्री शुक्ल

उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने सदर छात्र संघ एवं छात्र संगठन की 37 वर्ष पुरानी मांग , डॉ हरिसिंह गौर की प्रतिमा का अनावरण करते वक्त कहा कि डॉ हरिसिंह गौर की भारत के संविधान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका थी। वे ज्ञान, कर्म और भक्ति के धनी थे।
इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता, विधायक श्री प्रदीप लारिया, श्री गौरव सिरोठिया, पूर्व विधायक श्रीमती सुधा जैन, डॉ अनिल तिवारी, छावनी परिषद की सीईओ श्रीमती मनीषा जाट, सिटी मजिस्ट्रेट श्रीमती जुही गर्ग, एसडीएम श्रीमती अदिति यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी मौजूद थे।
उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि डॉ हरिसिंह गौर ने भारत का संविधान बनाने में महती भूमिका अदा की थी। आज जब पूरा देश संविधान दिवस मना रहा है इस समय डॉ. गौर की इतनी भव्य प्रतिमा का अनावरण करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ , यह मेरे लिए बहुत ही हर्षुल की बात है। श्री शुक्ल ने कहा कि, अपने लिए तो सब जीते हैं दूसरों के लिए जो जीता है वही महापुरुष होता है। डॉ. गौर का जीवन बहुत प्रेरणादायक है। उन्होंने अपनी पूरी कमाई विश्वविद्यालय बनाने में लगा दी जिसका लाभ आज पूरे बुंदेलखंड के साथ देश को प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सागर में भगवान के बाद यदि किसी की पूजा होती है तो वह डॉ. हरि सिंह गौर की। समाज को शिक्षा के नाम से रोशनी देने का काम उन्होंने किया है, हमें उनका हमेशा सम्मान करना चाहिए।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि डॉ. हरि सिंह गौर को भारत रत्न दिलाने के लिए अभियान प्रारंभ किया जाएगा। उनके संघर्ष और कल्पना की परिणिति है, डॉ. गौर की मूर्ति की स्थापना। इस मूर्ति की स्थापना के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा। यद्यपि संघर्ष लंबा था परन्तु उसकी परिणिति शुभ है।
उन्होंने कहा कि डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय पहले पूरे भारत में चौथे नंबर पर था और अपने आप में ख्याति प्राप्त था और आज भी अपनी ख्याति को बरकरार रखे हुए है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष सागर आगमन के दौरान भारत रत्न दिलाने मांग रखी गई थी, आशा है कि शीघ्र ही भारत रत्न मिलेगा।
इस अवसर पर विधायक श्री प्रदीप लारिया ने कहा कि लंबे संघर्ष की जीत है डॉ. गौर की यह प्रतिमा। डॉ. हरि सिंह गौर ने शिक्षा के क्षेत्र में जो योगदान दिया है उससे पूरे विश्व के छात्र छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि, मध्य प्रदेश सरकार को डॉ. गौर के नाम से पुरस्कार देने की शुरुआत करनी चाहिए। सागर विश्वविद्यालय के छात्र छात्राएं देश विदेश में नाम रोशन कर रहे हैं।
कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति डॉ. अनिल तिवारी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि आज 37 वर्ष बाद डॉ. गौर की 10 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण हो रहा है।

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