लोकतंत्र में राजनैतिक दलों का साथ आना राजनैतिक मजबूरी ही होती है और जो आपसी सदभाव दिखाया जाता है वह उपरी होता है यही हाल उत्तरप्रदेश में एक साथ जबरजस्त प्रदर्शन करने वाले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का है लोकसभा चुनाव में एक साथ चुनाव लड़कर भाजपा को पछाडने वाले सपा और कांग्रेस के रिश्ते की असल अग्निपरीक्षा उत्तरप्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से होगी गौरतलब है कि चुनाव तारीखो की घोषणा के पहले ही कांग्रेस ने 10 में से 5 सीटों पर अपनी दावेदारी जताई है तो समाजवादी पार्टी सभी 10 सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बना चुकी है । गौरतलब है कि खाली हुई सीटों में से 5 पर समाजवादी पार्टी के सांसद ही थे अब देखना यह होगा कि लोकसभा चुनाव मे जिन हालातों में अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने साथ निभाया था वह आगे जारी रहेगा या उपचुनाव उसका अंतिम पड़ाव होगा।
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