सागर। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अश्विनी परांजपे सागर में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम पर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा उन्होने कहा कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं को अधिकार देने के पक्ष में नहीं थे। ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को लेकर लोकसभा में जो घटनाक्रम हुआ वह सिर्फ एक संसदीय परंपरा नहीं बल्कि देश की आधी आबादी से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय था। राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडी गठबंधन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी मानसिकता महिला विरोधी है। ‘नारी शक्ति वंदन‘ विधेयक का लोकसभा में पारित न हो पाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह विधेयक देश की माताओं-बहनों को सशक्त बनाने, उन्हें निर्णय प्रक्रिया में उचित भागीदारी दिलाने तथा नए भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल थी यह बातकही। परांजपे ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने अपनी संकीर्ण राजनीति और स्वार्थ के चलते इस महत्त्वपूर्ण विधेयक को गिराने का काम किया, जो स्पष्ट रूप से उनके महिला विरोधी चरित्र को उजागर करता है। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ जिस तरीके से कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने कार्य किया है,उसको लेकर सागर में भी भाजपा जनता के समक्ष जाएगी। देश में सबसे बड़ी अदालत जनता की अदालत होती है। भाजपा जनता को यह बताएगी कि किस प्रकार से विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकार छीनने का पाप किया है। जिसके लिए 24अप्रैल को सागर में बड़ी आक्रोश रैली व पदयात्रा निकाली जाएगी। पत्रकार वार्ता का संचालन जिला मीडिया प्रभारी श्रीकांत जैन एवं आभार जिला सह मीडिया प्रभारी आलोक केसरवानी ने व्यक्त किया। पत्रकार वार्ता में जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी महापौर संगीता तिवारी,पूर्व विधायक सुधा जैन, पारुल साहू महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री श्रीमति ज्योति सिंह राजपूत जिला अध्यक्ष संध्या भार्गव इंदु चौधरी,प्रतिभा तिवारी मंचासीन रहीं। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अश्विनी परांजपे ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने अपनी संकीर्ण राजनीति और स्वार्थ के चलते इस महत्त्वपूर्ण विधेयक को गिराने का काम किया, जो स्पष्ट रूप से उनके महिला विरोधी चरित्र को उजागर करता है। यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने महिलाओं को अधिकार नहीं मिलने दिया। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के समय भी इसको लेकर प्रयास किए गए, तब भी कांग्रेस और विपक्षी दलों ने अड़ंगा लगा दिया था।कांग्रेस के शासनकाल में तो महिला आरक्षण को लेकर कोई प्रयास ही नहीं किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार योजनाएं बनाकर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार सदैव नारी सम्मान, सुरक्षा तथा सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केन्द्र एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश प्रदेश की भाजपा सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में नारी शक्ति को उसका पूर्ण अधिकार दिलाने के लिए भाजपा सरकारें संकल्पित हैं। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ जिस तरीके से कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने कार्य किया है,उसको लेकर सागर में भी भाजपा जनता के समक्ष जाएगी। देश में सबसे बड़ी अदालत जनता की अदालत होती है। भाजपा जनता को यह बताएगी कि किस प्रकार से विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकार छीनने का पाप किया है। जिसके लिए 24अप्रैल को सागर में बड़ी आक्रोश रैली व पदयात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं 70 साल से अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रही हैं। संसद और राज्यों की विधानाभाओं में देश की आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण उनका अधिकार है। आजादी के बाद करीब 50 सालों तक देश में शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं को कभी उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रयास नहीं किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम लाकर देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस फिर विरोध में उतर आई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2023 में संसद में यह विधेयक लाया गया, तब कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने इसलिए समर्थन कर दिया, क्योंकि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का डर था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जब महिलाओं को वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से उनका अधिकार दिलाने के लिए संसद का विशेष सत्र में इसे पारित कराना चाहा तो विपक्षी दलों ने विरोध कर दिया। दरअसल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके व अन्य विपक्षी दल महिलाओं को उनका अधिकार मिलने ही नहीं देना चाहते हैं। महिलाओं को अधिकारों से वंचित करने पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ देशभर की महिलाएं आक्रोशित हैं। सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफार्म के जरिए देश की नारी शक्ति आक्रोश व्यक्त कर रही है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश की उन महिलाओं में बड़ी आशा जागी थी, जो अभी तक पंच, सरपंच, जनपद व जिला पंचायत के विभिन्न पदों पर चुनी हुई हैं। महिलाओं को आशा थी कि अब देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में उन्हें प्रतिनिधित्व मिलेगा तो महिलाओं के अधिकारों को प्रमुखता से रख सकेंगी, लेकिन कांग्रेस व विपक्षी दलों ने महिलाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया। उन्होंने ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम के सभी बिंदुओं पर विस्तार से संसद में जानकारी दी। विपक्षी की सभी शंकाओं, आशंकाओं का समाधान किया और स्पष्ट रूप से कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं को अधिकार मिलने से किसी का अधिकार कम नहीं होगा। प्रधानमंत्री जी ने तो यहां तक कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम का श्रेय उनकी सरकार को नहीं चाहिए। उन्होंने संसद के अंदर समूचे विपक्ष का आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी बड़े मन से नारी शक्ति को उनका अधिकार मिलने दीजिए, नारी शक्ति अधिनियम का समर्थन कीजिए। मैं विज्ञापन छपवाकर समूचे विपक्ष को इस अधिनियम को पारित करने का श्रेय दे दूंगा। प्रधानमंत्री जी के इतने स्पष्ट व खुले विचारों के बाद भी विपक्ष महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिलने देना चाहता है। प्रधानमंत्री जी ने यह भी कहा कि महिलाओं को जो भी जिम्मेदारी मिलती है, वह उन्हें बखूबी निभाती आ रही हैं। ऐसे में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें संसद और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिलाओं को सशक्त नहीं बनने देना चाहिए, इसलिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पुरजोर विरोध किया और पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने संसद में स्पष्ट किया कि वर्ष 1971 में देश की आबादी 54-55 करोड़ थी तो उस हिसाब से सीटें थीं। आज देश की आबादी करीब 140 करोड़ है तो उस हिसाब से लोकसभा की सीटें बढ़ेंगी। लेकिन विपक्षी दलों ने यह भ्रम फैलाने का प्रयास किया कि दक्षिण के राज्यों की सीटें कम हो जाएंगी। कांग्रेस, डीएमके व अन्य विपक्षी दलों ने यह झूठ फैलाकर अलगाववादी मानसिकता को प्रदर्शित किया है। महिलाओं को अधिकारों से वंचित करने के लिए कांग्रेस व विपक्षी दलों ने जिस प्रकार झूठ और भ्रम का सहारा लिया है, उसकी असलियत भाजपा जनता को बताएगी। भाजपा महिलाओं को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने तक चुप नहीं बैठेगी। भाजपा महिलाओं को उनका अधिकार दिलाकर रहेगी, क्योंकि भाजपा जो कहती है, उसे पूरा करके दिखाती है। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ जिस तरीके से कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने कार्य किया है,उसको लेकर सागर में भी भाजपा जनता के समक्ष जाएगी। देश में सबसे बड़ी अदालत जनता की अदालत होती है। भाजपा जनता को यह बताएगी कि किस प्रकार से विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकार छीनने का पाप किया है। जिसके लिए 24अप्रैल को सागर में बड़ी आक्रोश रैली व पदयात्रा निकाली जाएगी।
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