राजनीतिनामा

मध्यप्रदेश – विजयवर्गीय की नाराजगी अब जगजाहिर !

भारतभवः | इंदौर  

“क्या मध्य प्रदेश की सियासत में सब कुछ ठीक नहीं है?

क्या सरकार के भीतर ही उपेक्षा और असंतोष की आवाज़ बुलंद होने लगी है?

प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखा एक पत्र अब राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा का विषय बन गया है। आखिर इस पत्र में ऐसा क्या है, जिसने सत्ता के भीतर की खामोशी को सवालों के घेरे में ला दिया है? 

                                मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक ऐसा पत्र लिखा है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। पत्र में विजयवर्गीय ने साफ शब्दों में लिखा है कि पिछले ढाई वर्षों से उन्हें केवल असहयोग, उपेक्षा और विरोध का सामना करना पड़ रहा है।विजयवर्गीय का कहना है कि उन्होंने इंदौर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सरकार के सामने रखे, लेकिन अधिकांश मामलों में या तो फैसले टाल दिए गए या फिर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका दावा है कि लगातार आग्रह के बावजूद शहर के कई बड़े प्रोजेक्ट अधर में लटके हुए हैं।

अपने पत्र में विजयवर्गीय ने पाँच प्रमुख मुद्दों का उल्लेख किया है—

  • इंदौर में मास्टर प्लान लागू करने में देरी।
  • मेट्रोपोलिटियन रीजन के गठन का प्रस्ताव लंबित।
  • आरआईसी (रीजनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) के विकास में रुकावट।
  • पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार और नई परियोजनाओं में धीमी प्रगति।
  • इंदौर एयरपोर्ट विस्तार के लिए ज़मीन उपलब्ध कराने में देरी।
  • सिंहस्थ महाकुम्भ में इंदौर की उपेक्षा

पत्र में विजयवर्गीय ने यह भी लिखा कि उन्होंने इन मुद्दों पर कई बार मुख्यमंत्री को अवगत कराया, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। इतना ही नहीं, उन्होंने यह संकेत भी दिया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे इंदौर की जनता के सामने पूरी बात सार्वजनिक रूप से रखने को मजबूर होंगे।हालांकि इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन सत्ता के दो बड़े चेहरों के बीच सामने आया यह संवाद अब विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का नया मुद्दा दे सकता है। खबर का दूसरा पहलु यह भी है कि क्या यह केवल विकास कार्यों को लेकर नाराज़गी है या फिर इसके पीछे सत्ता और संगठन की बड़ी सियासी कहानी छिपी है? क्या इस पत्र के बाद सरकार के भीतर बढ़ता असंतोष खुलकर सामने आएगा? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

आयोजन के बहाने नाराजगी दूर करने कि कवायद 

इंदौर के विकास को लेकर मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एक आयोजन होने जा रहा है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इंदौर की उपेक्षा को लेकर लिखे पत्र के बाद इस आयोजन को शहर में बढ़ते विरोध और नाराजगी को शांत करने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है।इंदौर के विकास को लेकर इस सप्ताह एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल होंगे। शहर के विकास को लेकर इसमें प्रबुद्धजनों से चर्चा होगी। इसकी तैयारियों को लेकर मंगलवार को एक बैठक भी आयोजित की गई थी। उधर बुधवार सुबह मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र के सामने आने के बाद इस आयोजन को भी इंदौरवासियों के विरोध को शांत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। #kailash viajyvargiya #bharatbhvh

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