प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में गठबंधन सरकार की चुनौतियों का होना स्वाभाविक लग रहा है। मोदी जिस तरह से पिछले दो बार से सरकार चला रहे थे वह इस बार संभव नहीं है, सबसे अधिक मुश्किल दो बडी पार्टी जदयू और टीडीपी की ओर से आने वाली है ,दोनो ही दल अपने राज्यों के विकास पर अधिक जोर देंगे और फंड जुटाने की कोशिश करेंगे, जिससे केंद्र सरकार का संतुलन बिगडेगा । दोनो ही दल पहले ही आंध्रप्रदेश और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर चुके हैं और विशेष पेकेज भी मांग रहे है ,जबकि प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकता देशव्यापी होंगी और उनको भाजपा शाषित प्रदेशों का ध्यान भी रखना होगा । हाल फिलहाल जिस प्रकार प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के विभागो का बटवारा किया है उससे तो भाजपा पर किसी भी प्रकार का दबाब नहीं दिखता लेकिन आने वाले समय में यह हालात बदलते हुए दिखाई दे सकते है।
⇑ वीडियो समाचारों से जुड़ने के लिए कृपया हमारे चैनल को सबस्क्राईब करें , धन्यवाद।
आज के दौर में अपराध की हदें रोज एक नया रिर्काड सा बनाती हुई लगती…
मै बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य का मुरीद हो गया हूँ. सामिक भाजपा…
ज़रा एक क्षण के लिए उन लाखों बच्चों की मनःस्थिति की कल्पना कीजिए जिन्होंने इस…
भारत को खतरा कोकरोच से ज्यादा पड रही प्रचंड गर्मी से है. लेकिन इसकी चर्चा…
पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित रक्तदान शिविर में 2221 यूनिट…
सत्ता से संरक्षित भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी अब अमेरिका में जेल जाने से बच गए…