विधानसभा मिंटो हाल में लगना शुरू हुई तभी से उसका नाम विधानसभा भवन हो गया मिंटो हाल का निर्माण सन 1909 में उस समय किया गया जब ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरल लार्ड मिंटो अपनी पत्नी के साथ भोपाल आए थे मिंटो ने भोपाल में अपने रहने का उचित प्रबंध ना पाकर कुछ अप्रसन्नता व्यक्त की थी उसी समय नवाब सुल्तान जहां बेगम ने निर्णय लेते हुए विशिष्ट अतिथियों के ठहरने के लिए एक भवन बनाने का निर्णय लिया इस भवन में दरबार हाल, स्वागत कक्ष आदि की व्यवस्था का प्रावधान किया गया तत्काल निर्णय लेते हुए 12 नवंबर 1909 को ही लॉर्ड मिंटो के हाथों इसकी आधारशिला रखवा दी गई।
कृपया यह भी पढ़ें –
इसका स्वरूप इंग्लैंड राजा जार्ज पंचम के मुकुट की तरह रखा गया 24 वर्षों में यह इमारत बनकर तैयार हुई और खर्च अधिक होने के कारण इस इमारत में भोपाल राज्य की सेना का मुख्यालय बना दिया गया और बाद में इसमें राज्य का वित्त विभाग भी बैठने लगा। कालांतर में इसमें हुए खर्चे को निकालने को लेकर एक समिति ने सुझाव दिया कि इसे होटल में परिवर्तित किया जा सकता है कुछ सालों तक यह होटल लेक व्यू के रूप में काम करता रहा जब यह भवन होटल बना तो इसमें खास मेहमान ही आकर ठहरते थे । डा मजीद हुसैन ने अपनी पुस्तक “भोपाल का इतिहास” में लिखा है कि यह होटल कुछ सालों में विवादित हो गया चर्चाओं में आया कि इसे एक ऐशगाह के रूप में उपयोग किया जा रहा है शिकायतों के बाद होटल बंद हो गया। नवाब साहब ने इसका फर्श तब संगमरमर का करवा दिया और नवाब हमीदुल्लाह खान की बेटी आबिदा बेगम इसे स्केटिंग मैदान के रूप में उपयोग करने लगी। इससे भी इस भवन का दुरुपयोग नहीं रुका और यह युवक-युवतियों के मिलने का स्थान बन गया तंग आकर तब नवाब ने इसे फिर से पुलिस मुख्यालय और हमीदिया कॉलेज में तब्दील कर दिया।
लोकतांत्रिक, निष्पक्ष राजनैतिक,सामाजिक समाचारों के लिये कृप्या हमारे चैनल की लिंक पर क्लिक करें और हमारे चैनल को सबस्क्राईब करें और हमारे लघु प्रयास को अपना विराट सहयोग प्रदान करें , धन्यवाद।
सत्तारूढ दल भाजपा में एल्डरमेन से लेकर मंत्रिमंडल विस्तार के लिए कार्यकर्ताओं पार्टी पदाधिकारीयों विधायकों…
लोकसभा में सागर सांसद ने बीना रिफाइनरी विस्तार परियोजना के संबंध में जानकारी चाहते हुए स्थानीय…
खाडी युद्ध पर लिखने के लिए कुछ भी नया नही है सिवाय इसके कि जंग…
बुंदेलखंड में गूँजेगी चीतों की दहाड़ चीतों की पुनर्वसाहट का नया बसेरा बनेगा बुंदेलखंड सीएम…
मप्र के मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव 60 साल के हो गये.इस वयसंधि के लिए एक…