प्रयागराज में संपन्न महाकुंभ ने जहां सनातनी आस्था का सैलाब दिखाया तो इस आयोजन की गूंज राजनैतिक गलियारों मंे भी भरपूर है और इसका कारण है विपक्ष द्धारा महाकुंभ के प्रति उदासीन या नकारात्मक रवैया अपनाना । जी हां गौर कीजये की बीते दो महीनों में पूरे देश में महाकुंभ की चर्चा रही देश की लगभग आधी आबादी ने इस महाकुंभ में भाग लिया लेकिन कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इसे लगातार नजरअंदाज किया कई बार खबरें चलाई गई की राहुल प्रियंका कूंभ में स्नान करने आयेंगे लेकिन अंत तक वो नहीं आये और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने कुंभ पर जो बयान दिया वह भी खूब चर्चाओं में रहा खैर कुंभ तो हो गया लेकिन भाजपा अब इसे राजनीति बनाकर कांग्रेस को सनातन विरोधी बताने में कोई कसर नहीं छोडेगी ।
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