लोकतंत्र-मंत्र

मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – दिव्य भव्य और विश्व स्तरीय सिहंस्थ के लिए सहमति

आखिरकार सरकार ने उज्जैन में लागू किया गया लैंड पूलिंग एक्ट को वापस करने का निर्णय ले ही लिया क्योंकि सरकार किसी की असहमति नहीं चाहती सिहंस्थ को दिव्य भव्य और विश्व स्तरीय बनाने के लिए सभी की सहमति विशेष रूप से किसानों और संतो के व्यापक हित को ध्यान में रखकर तैयारियां तेज की जा रही है।दरअसल मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा आयोजन उज्जैन का सिहंस्थ ही होता है जिसका आयोजन 2028 में होना है और 2028 में ही विधानसभा के आम चुनाव होंगे इस कारण भी जो भी सरकार रहती है वह सिहंस्थ के आयोजन में पूरी ताकत झोंक देती है इस बार तैयारी और भी ज्यादा जोरो से चल रही है क्योंकि पहली बार है जब उज्जैन से ही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव है इसलिए वे इस आयोजन को ऐतिहासिक और यादगार बनाने में अभी से कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं शुरुआती दौर में लैंड पुलिंग लर का मामला आया था  कि सरकार ने एक उच्च्च स्तरीय बैठक आयोजित की जिसमें भारतीय किसान संघ उज्जैन के स्थानीय किसान स्थानी जनप्रतिनिधि और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल शामिल हुए और बैठक में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि लैंड पुलिंग को निरस्त कर किसानों की भावना का सम्मान किया जा रहा है

बहरहाल इस बार का उज्जैन सिहंस्थ कई मायनों में विशिष्ट है 9 अप्रैल से 9 में 2028 तक आयोजित होने हर्जानाले यह मिशालेय महाकाल लोक जनने के लाल पहली बार होने जा रहा है जब से महाकाल लोग बना है तब से उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या काफी तादात में बड़ी है और विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार अपेक्षा से कहीं ज्यादा श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे इसी वर्ष प्रयागराज में हुए महाकुंभ में रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे प्रदेश के कुछ अधिकारी प्रयागराज कुंभ का व्यवस्थाओं का अध्ययन कर चुके हैं और उससे भी बेहतर व्यवस्थाएं बनाने की तैयारी हो रही है उज्जैन के आसपास के जिलों में भी विकास कार्य चल रहे हैं गल लंबे लेने जनाए जा रहे हैं जिसमें घीर का
दबाव कम पड़े रोड चारों तरफ से चौड़े किया जा रहे हैं जिससे आवा गमन में श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।जाहिर है वर्ष 2028 मध्य प्रदेश के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से जहां उज्जैन का सिहंस्थ 2028 बेहद महत्वपूर्ण है वहीं राजनीतिक दृष्टि से इसका सफल आयोजन 2028 में ही होने वाले विधानसभा के आप आम चुनाव के लिए भी महत्वपूर्ण होगा और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के लिए एक तरह से सबसे महत्वपूर्ण आयोजन होगा इस आयोजन के माध्यम से वे अपनी नेतृत्व क्षमता प्रशासनिक क्षमता और राजनीतिक दूरदर्शिता का प्रमाण देंगे उज्जैन के ही मूल निवासी होने के कारण उनका सिहंस्थ के प्रति भावनात्मक लगाओ भी है उनका सबसे बड़ा लक्ष्य उज्जैन सिहंस्थ की सफलतापूर्वक हो जाने का ही है जिस तरह से प्रयागराज महाकुंभ की व्यवस्थाओं को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी की तारीफ देश दुनिया में हुई इसी तरह का लक्ष्य लेकर डॉक्टर मोहन यादव सिहंस्थ को तैयारी को गंभीरता से ले रहे हैं। कुल मिलाकर सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है जिसमें उज्जैन में लागू किया गया लैंड पूलिंग एक्ट वापस लिया गया है और अब सिहंस्थ के लिए किसी की जमीन नहीं ली जाएगी जो भी निर्णय होंगे सबकी सहमति से सर्वसम्मति से लिए जाएंगे जिससे कि गौरवपूर्ण आयोजन सिहंस्थ सफलतापर्तक संपन्न हो सके।

श्री देवदत्त दुबे  ,वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनैतिक समीक्षक, मध्यप्रदेश  

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