दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली में विपक्षी गठबंधन के लगभग सभी दलो के नेता उपस्थित रहे । सभी दलों के नेताओ ने एक स्वर से देश में लोकतंत्र को बचाने के लिये भाजपा को हराने की की जरूरत भी बताई । लेकिन गठबंधन दलों का एजेंडा और मंच एक होने के बाद भी एक बात जो नोटिस की गई वह यह थी कि सभी दल अपने नेता को ही गठबंधन का चेहरा दिखाने की कोशिश में लगे रहे खासकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के संदेशो में यह स्पष्ट झलक रहा था । आप पार्टी जहां इस रैली को केजरीवाल के सर्मथन में सांझी एकता दिखाने में लगी थी तो कांग्रेस ने भी यह स्पष्ट कर दिया था कि यह आयोजन किसी व्यक्ति विशेष के सर्मथन में नहीं बल्कि भाजपा सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ है।
भारतीय मुहावरे और कहावतें मुझे सिर्फ इसीलिए पसंद हैं क्योंकि वे सटीक भी लगती हैं…
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ज़रा एक क्षण के लिए उन लाखों बच्चों की मनःस्थिति की कल्पना कीजिए जिन्होंने इस…
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