लोकतंत्र-मंत्र

मध्यप्रदेश राजनीतिनामा : चंबल से चुनावी चाहत

भोपाल। भाजपा के सबसे बड़े रणनीतिकार और देश के गृहमंत्री अमित शाह ने ग्वालियर में एक तरफ जहां कांग्रेस पर निशाना साधा। वहीं उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, मुफ्त में कोरोना वैक्सीन और गरीबों को मुफ्त राशन समेत प्रधानमंत्री मोदी बड़े फैसलों का उदाहरण देते हुए कहा कि फिर से चुनाव आने वाले हैं। इस बार गलती मत करना यह मोदी पर भरोसा करना और कमल का बटन दबाना।

दरअसल, प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने को एक वर्ष से भी ज्यादा है लेकिन मोदी के नाम पर सीधे वोट मांगने की चर्चा करके अमित शाह ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। इस बार प्रदेश में 2018 की तरह कोई जोक पार्टी नहीं करेगी और प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर वोट मांगेगी। यह चाहत भी उन्होंने चंबल क्षेत्र में प्रदर्शित की। जहां भाजपा के कमजोर होने के कयास लगाए जा रहे हैं। इसके दो घंटे पहले शाह राजधानी भोपाल में भी थे लेकिन यहां उन्होंने वोट मांगने जैसी कोई बात नहीं कही।इसी दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यहां थोड़े समय के लिए कमलनाथ सरकार आई थी और उन्होंने सारी योजनाएं बंद कर दी थी। शिवराज फिर से मुख्यमंत्री बने तो फिर से सभी योजनाएं पटरी पर ला दी। प्रधानमंत्री ने नल से जल योजना शुरू की थी उसे भी कमलनाथ सरकार ने बंद कर दिया था लेकिन शिवराज सरकार ने उसे फिर से शुरू कर दिया है।

बहरहाल, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जिस तरह से ग्वालियर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तारीफ की और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पर निशाना साधा। उससे यह माना जा रहा है कि अमित शाह प्रदेश के विधानसभा चुनाव का जैसे रोड में तय कर गए हो और इसी दौरान उन्होंने सीधे तौर पर आम जनता से कमल का बटन दबाने की अपील की। 2023 में सबसे ज्यादा परिस्थिति बदली हुई चंबल क्षेत्र में नजर आएंगी क्योंकि इसके पहले तक इस इलाके के अंतर्गत आने वाली लगभग 34 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की ओर से अधिकांश टिकट ज्योतिरादित्य सिंधिया की सिफारिश पर बांटे जाते थे और भाजपा में आने के बाद ग्वालियर महापौर के प्रत्याशी चयन में जिस तरह से अंततः सिंधिया कि नहीं चली उसके बाद इस क्षेत्र में अपनी पकड़ और शक्ति दिखाने के मंसूबे से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एयरपोर्ट के विस्तार के नाम पर यह बड़ा आयोजन रखा और जिस में वे बहुत हद तक सफल भी हो गए। भारी भीड़ को सामने देखकर गृह मंत्री अमित शाह वोट मांगने से भी नहीं चूके जबकि अभी चुनाव को एकवर्ष से ज्यादा है।

कुल मिलाकर रविवार को जहां हिंदुस्तान के हृदय स्थल मध्य प्रदेश से हिंदी का नया सूर्योदय हुआ और अब मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में होगी। वहीं चंबल क्षेत्र में भाजपा के एक नए क्षत्रप के रूप में सिंधिया का उदय भी माना जा रहा है और 2023 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने की चाहत भी अमित शाह ने उजागर कर दी। जिसमें उन्होंने बहुत समय पहले से मोदी की उपलब्धियां गिनाते हुए भाजपा को वोट देने की अपील कर दी।

 

आलेख – देवदत्त दुबे ,वरिष्ठ पत्रकार भोपाल 

Share this...
bharatbhvh

Recent Posts

हिंसा की आग में झुलसा बंगाल शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या

पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन की कवायद शुरू हो गई है। नौ मई…

24 hours ago

पश्चिम बंगाल में कमल का खिलना – सबसे बड़ी जीत!

हाल ही में हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में कई बड़े राजनीतिक संदेश छिपे…

3 days ago

अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर

अधिवक्ता अकलेचर दुवे ने जूनियर वकीलों को स्टाईपेड, वकील पेंशन एवं सामूहिक बीमा योजना लागू…

5 days ago

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: एग्जिट पोल के बाद किसकी सरकार बनने की संभावना?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है— सवाल इसलिए भी …

7 days ago

सड़क पर गाय और सदन में नारी की रही गूंज

भोपाल डेस्क  देश में चल रहे गो सम्मान आह्वान के तहत प्रदेश में भी गौ…

1 week ago

दलबदलू नेता जनता को स्वीकार या गद्धार !

भारत में राजनितिक विमर्श बड़ी तेजी से बदलते है और आज के दौर में उससे…

1 week ago