लोकसभा चुनाव में ईवीएम मशीन पर कई दफा संशय जता चुके विपक्षी दल के नेताओं ने ईवीएम की जगह वेलेट पेपर से चुनाव कराने का एक अनूठा तरीका निकाला है जी हां यदि एक लोकसभा क्षेत्र से 384 से अधिक प्रत्याशी चुनाव में खड़े होते है तो चुनाव आयोग वेलेट पेपर से मतदान कराने पर विवश होगा क्योकि एक वेलेट यूनिट मंे 16 नाम ही होते है और ईवीएम की मास्टर कंट्रोल पैनल से अधिकतम 24 यूनिट ही जोड़े जा सकते है इस प्रकार 384 से अधिक उम्मीदवार हुए तो वेलेट पेपर से चुनाव मजबूरी है छत्तीसगढ के पूर्व मूुख्यमंत्री भूपेंश बघेल के बाद अब कांग्रेस प्रतयाशी दिग्यविजय सिंह ने भी अपने लोकसभा क्षेत्र राघौगढ से 384 से अधिक प्रत्याशी उतारने की अपील अपने सर्मथको से की है।
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