राजनीतिनामा

मध्यप्रदेश राजनीतिनामा: भाजपा कोर कमेटी ने कसी कमर

मध्य प्रदेश में चुनावी तैयारियां कितनी तेज है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चंद्रग्रहण की परवाह न करते हुए भाजपा कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को हुई . जिसमें रातापानी बैठक के निष्कर्षों की समीक्षा की गई एवं हारी हुई सीटों को जीतने की योजना बनाई गई दरअसल प्रदेश में जिस तरह से भाजपा और कांग्रेस में सन 2023 को जीतने के लिए अभी से दिन रात एक कर रहे हैं उसमें अब 1 दिन काफी विलंब पार्टी नेताओं को मंजूर नहीं है खासकर सत्ताधारी दल भाजपा फीडबैक के आधार पर दिन प्रतिदिन सक्रिय होती जा रही है क्योंकि कांग्रेश जमीनी स्तर पर भाजपा को चुनौती दे रही है और भाजपा 2018 की तरह किसी भी प्रकार की रिस्क लेने को तैयार नहीं है पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदेश पर निगाह लगाए हुए हैं और संगठन के दिग्गज नेता लगातार प्रदेश में प्रवास कर रहे हैं, समीक्षा कर रहे हैं और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा बना रहे हैं

पार्टी का फोकस 103 सीटों पर विशेष रूप से है जो 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी हार गई थी कोर कमेटी की बैठक में एक बार फिर से नए सिरे से रणनीति बनाई गई है जिसमें आदिवासी जिलों में बिरसा मुंडा जयंती पर यात्रा निकाली जाएगी राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर लगाने की घोषणा भी की जाएगी बाहर हाल कोर कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री प्रकाश क्षेत्रीय संगठन महामंत्री मुरलीधर राव ,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ,प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ,केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर , ज्योतिरादित्य सिंधिया ,राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री नरोत्तम मिश्रा ,भूपेंद्र सिंह  ,भगवानदास सबनानी, कविता पाटीदार विशेष रूप से मौजूद थे।  बैठक में कुछ दिनों के प्रभारी भी बदले गए जो 5 संभागों के प्रभारी बदले गए हैं उनमें हरिशंकर खटीक को चंबल संभाग ,कविता पाटीदार को जबलपुर संभाग ,शर्मा को उज्जैन संभाग उमाकांत देव सिंह को भोपाल संभाग एवं शरद तिवारी को शहडोल संभाग का प्रभारी बनाया गया है । जिस तरह से पार्टी के पास आ रहा है उसके आधार पर पार्टी को और ज्यादा कसावट करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है उसी की संभावनाएं जताई जा रही हैं कि अगले एक-दो दिन में एक दर्जन से भी ज्यादा जिला अध्यक्ष भी बदले जा सकते हैं पार्टी एक तरफ जहां संगठन स्तर पर जोर दे रही है वहीं दूसरी ओर सरकार के स्तर पर प्रशासनिक कसावट भी की जा रही है जिससे कि मिशन 2023 की तैयारी किसी भी प्रकार की कमी ना रह जाए।

देवदत्त दुबे 

वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनैतिक विश्लेषक मध्यप्रदेश 

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