संसद में महिला आरक्षण बिल को सभी दलों का सर्मथन प्राप्त है फिर भी इसमें पक्ष विपक्ष में भारी मतभेद सामने आये है जहां भाजपा 16 अप्रेल से तीन दिन का विशेश संसद सत्र बुलाकर 2029 से ही इसे लागू कराना चाहती है तो कांग्रेस का कहना है कि यह निर्णय राजनैतिक लाभ के लिये थोपा जा रहा है क्योकि बिना परिसीमन के महिला आरक्षण लागू करना खतरनाक है बहरहाल पीएम मोदी और भाजपा ने महिला आरक्षण लागू करने का पूरा श्रेय लेने की तैयारी कर ली है तो कांग्रेस और विपक्षी दल इस दुविधा में है कि इसका लाभ उन्हे कैसे मिल सकता है क्योकि सभी दल महिलाओं के लिये 33 प्रतिशत आरक्षण वाले इस बिल का सर्मथन करते रहे है।
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