संध प्रमुख मोहन भागवत का बयान इन दिनो चर्चाओं में है उन्होने कहा कि 75 की उम्र होने के बाद दूसरों को भी अवसर देना चाहिए। जब आपको 75 साल पूरे होने पर शॉल ओढ़ाई जाती है तो इसका मतलब होता है कि हमारी उम्र हो चुकी है अब थोड़ा किनारे हो जाना चाहिए।भागवत ने ये बातें 9 जुलाई को रामजन्मभूमि आंदोलन के प्रेरक दिवंगत मोरोपंत पिंगले पर लिखी पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में कहीं। हालांकिए भागवत ने अपने बयान में च्ड मोदी का नाम नहीं लियाए लेकिन विपक्ष इसे प्रधानमंत्री से जोड़ रहे हैं। मोदी और भागवत इस साल सितंबर में 75 साल के हो जाएंगे।2014 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा में 75 साल की उम्र से ज्यादा के नेताओं को रिटायर करने का ट्रेंड शुरू। पहली बार प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी ने अपनी कैबिनेट में इससे कम उम्र के नेताओं को ही जगह दी थी।वहीं भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनावों में 75 साल से अधिक उम्र के कई वरिष्ठ नेताओं को टिकट नहीं दिया था। इसमें लालकृष्ण आडवाणीए मुरली मनोहर जोशीए सुमित्रा महाजनए कलराज मिश्रए जैसे कई नेता शामिल थे।
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