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इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ के बाद सियासी घमासान, मुद्दों से ज्यादा मिमिक्री पर छिड़ी बहस

इंदौर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कार्यक्रम का घोषित फोकस शिक्षा, भर्ती, परीक्षा व्यवस्था, रोजगार और छात्रों की समस्याओं पर था, लेकिन मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं।19 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम में छात्रों ने परीक्षा, भर्ती, बेरोजगारी, आरक्षण, हॉस्टल और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाए। राहुल गांधी ने ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ के मुद्दे पर बोलते हुए शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाए तथा छात्रों से संवाद किया।लेकिन कार्यक्रम का एक हिस्सा राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया। स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की। इस प्रस्तुति में प्रधानमंत्री की सार्वजनिक शैली और उनकी दिवंगत मां से जुड़े संदर्भ का इस्तेमाल किए जाने पर भाजपा ने आपत्ति जताई।

                                       केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कांग्रेस को ‘कॉमेडियंस और जोकर्स की पार्टी’ बताते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा। शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस की आलोचना की और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की दिवंगत मां का अपमान किया गया।कांग्रेस ने इन आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों के सवालों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सामने लाना था। पार्टी की ओर से मिमिक्री को मनोरंजन और व्यंग्य के रूप में प्रस्तुत किया गया तथा भाजपा के आरोपों को खारिज किया गया।

असली सवाल फिर पीछे क्यों छूट गया?

इंदौर की घटना ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा किया है—क्या राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यंग्य और मिमिक्री की सीमा तय होनी चाहिए, और क्या ऐसे विवादों के कारण छात्रों के वास्तविक मुद्दे चर्चा से बाहर हो जाते हैं?कार्यक्रम में छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया, रोजगार और शिक्षा से जुड़े सवाल उठाए थे। इसलिए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच इन मुद्दों पर होने वाली चर्चा भी महत्वपूर्ण है।फिलहाल इंदौर का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम दो अलग-अलग विमर्शों में बंटता दिखाई दे रहा है—एक तरफ छात्रों की शिक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याएं, दूसरी तरफ मंच पर हुई मिमिक्री को लेकर राजनीतिक विवाद। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सार्वजनिक बहस का केंद्र इनमें से किस दिशा में आगे बढ़ता है। #bharatbhvh

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