राहुल गांधी की जाति जनगणना की मांग भाजपा और सरकार के लिये एक बड़ा सिरदर्द तो है ही साथ ही इस देश का दुर्दशा की ओर बढना भी है और सांसद में इस मुददे पर हुआ शोर इस बात का प्रमाण है राहुल गांधी और विपक्ष के लिये ओबीसी राजनीति अब मजबूरी बन चुकी है मोदी शाह ने दस वर्षो में हिंदू राजनीति का जो ओबीसीकरण किया है उसके आगे जाति की राजनीति है कांग्रेस और विपक्ष के पास एकमात्र हथियार है इसलिये जाति जनगणना का हल्ला भी लेकिन क्या भाजपा इसका जबाब सही दिशा में दे रही है क्या कांग्रेस को नेहरू के जातिविहीन समाज के लिये नाम के आगे से जात हटाओ जैसे अभियान या इंदिरा और राजीव गांधी की जातिविहीन आधुनिक भारत के नारे याद दिलाये जा रहे है नहीं और यही परिणाम है कि उसी खानदान के वंशज राहुल गांधी आज जाति जनगणना की मांग कर रहे है और समाज को छिन्न भिन्न करने की राजनीति कर रहे है लेकिन भाजपा तो उल्टे राहुल गांधी की ही जाति पूंछ रही है।
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