सागर मध्यप्रदेश को ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक निवेश के पावर हाउस के रूप में स्थापित करने की दिशा में बुधवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। सागर संसदीय क्षेत्र की सांसद एवं भारत सरकार की पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की कंसल्टेटिव कमेटी की सदस्य डॉ. लता वानखेड़े ने बीपीसीएल बीना रिफाइनरी पहुँचकर विस्तार परियोजनाओं, पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स निवेश, पर्यावरणीय अनुपालन, रोजगार सृजन और स्थानीय जनहित से जुड़े मुद्दों की विस्तृत समीक्षा बैठक का नेतृत्व किया। बैठक में सांसद का रुख स्पष्ट, दृढ़ और सुस्पष्ट था— विकास की दिशा में कोई शिथिलता, देरी या अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए। हर परियोजना का परिणाम जनता तक पहुँचे — यही सरकार का संकल्प है और जनता की अपेक्षा भी।”डॉ. वानखेड़े ने बताया की बीना रिफाइनरी के विस्तार से देश की ईंधन मांग पूर्ति और आयात निर्भरता में कमी आएगी। इसी विस्तार के साथ देश का एक प्रमुख पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा रहा है। उन्होंने परियोजना की गति को लेकर टाइमलाइन, कार्य प्रगति, ठेका-प्रक्रिया, व्यय स्थिति, और प्रमुख माइलस्टोन पर क्रमवार चर्चा की। उन्होंने कहा इतने विशाल निवेश के पीछे केवल औद्योगिक विस्तार नहीं बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय संकल्प है। समय सीमा और गुणवत्ता, दोनों में परिणाम चाहिए पर्यावरणीय अनुपालन पर सांसद की महत्वपूर्ण सुझाव दिए बैठक में सबसे संवेदनशील मुद्दों में वायु उत्सर्जन नियंत्रण, ठोस अपशिष्ट निपटान, भू-जल प्रदूषण, कृषि भूमि पर प्रभाव और ग्रामीणों की शिकायतें शामिल रही। सांसद ने स्पष्ट कहा प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन एक विकल्प नहीं — अनिवार्यता है।” उन्होंने अधिकारियों से ग्राम पंचायतों से प्राप्त शिकायतों, खराब पानी निकासी, पास के जल स्रोतों के रासायनिक परीक्षण, और कृषि भूमि की उत्पादकता से संबंधित सभी गंभीर विषयों पर चर्चा की। विस्तार परियोजनाओं के चलते बढ़े भारी वाहनों के दबाव से कई ग्रामीण मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। सांसद ने निर्देश दिया जहां सड़कें टूटी हैं वहाँ मरम्मत की समयबद्ध योजना बनाकर प्रस्तुत की जाए। विकास स्थानीय जीवन के लिए समस्या न बने, यह ध्यान रखा जाए।सांसद ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के वास्तविक आँकड़े, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सुअवसर, चल रहे कौशल विकास प्रशिक्षण, और स्थानीय MSME भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों से चर्चा की उन्होंने कहा—बीना रिफाइनरी स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का स्तंभ है प्राथमिकता क्षेत्र की प्रतिभाओं को मिलना चाहिए, इसके लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए। ”बैठक में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, अतिक्रमण, शिकायतों का जवाब, नोटिस कार्रवाई, और ग्रामीण जन प्रतिक्रिया जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सांसद ने प्रमुखता से अपनी बात रखी और कहा “किसान और ग्रामीण सिर्फ लाभार्थी नहीं — वे विकास की रीढ़ हैं। उनकी शिकायतों को प्राथमिकता से लिया जाए” उन्होंने कहा विकास की रफ्तार, पारदर्शिता की कठोरता और जनता के प्रति जवाबदेही — तीनों एक साथ चलेंगी तभी यह निवेश क्षेत्र की तस्वीर बदलेगा।” सांसद ने समापन में जनता से सीधा संवाद करते हुए कहा “यह मेरी ज़िम्मेदारी है कि विकास के हर कदम की जानकारी और जवाबदेही जनता तक पहुँचे। बीना रिफाइनरी का विस्तार सिर्फ परियोजना नहीं — यह मध्य प्रदेश और बुंदेलखंड के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।”समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि बीना रिफाइनरी अब केवल औद्योगिक परिसर नहीं — बल्कि राष्ट्रीय ऊर्जा लक्ष्यों, स्थानीय रोजगार, और क्षेत्रीय औद्योगिक पुनर्जागरण का केंद्र है। और इस केंद्र को सही राह पर ले जाने के लिए डॉ. लता वानखेड़े की नेतृत्व क्षमता और जन-जवाबदेही की नीति निर्णायक भूमिका रहेगी ।
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