मध्यप्रदेश में मंत्रियो के आयकर को लेकर एक नई बहस शुरू हो चुकी है गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में मंत्रियो का आयकर सरकारी खर्च से भरा जाता है जबकि मंत्रियो की औसत संपत्ति भी करोडों रूप्ये में है। इसी बात को लेकर मुददा गरमाया है कि जब उत्तरप्रदेश , पंजाब जैसे राज्य इस परंपरा को सालों पहले समाप्त कर चुके है ,तो मध्यप्रदेश में मंत्रियो का आयकर जनता की कमाई से क्यों भरा जाना चाहिये ,जबकि प्रदेश का छोटा कर्मचारी भी अपना आयकर खुद भरता है। हर साल मंत्रियों का आयकर भरने में सरकारी राशि का उपयोग क्या सही है ? फिलहाल कई राज्यों ने इस परंपरा को खत्म कर दिया है लेकिन मध्यप्रदेश समेत 6 राज्यों में आज भी यह जारी है ।
रानी का पटनेश्वर स्वप्न, बना इकलौता धाम जहां महाशिवरात्रि से पहले होता है शिव विवाह…
शिव ही सत्य है, शिव अनंत है। शिव अनादि है, शिव भगवन्त है।। शिव ही…
आस्था के सभी स्थलों का विकास कर रही सरकार नोहटा को बनाया जाएगा नगर परिषद…
महाशिवरात्रि पर्व पर तीन दिवसीय सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री वैदिक मंत्रोच्चार…
सागर सागर लोकसभा क्षेत्र के विकास और नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सागर…
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सांसद सदस्यता पर एक बार फिर संकट…