बिहार विधानसभा के चुनाव परिणाम आने के बाद जिस तरह इसे से एसआईआर पर बहस हो दल रही है उसके बाद प्रदेश में दोनों ही प्रमुख भाजपा और कांग्रेस सतर्क एवं सावधान हो गए हैं सत्ताधारी दल भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन पदाधिकारी को जहां ज्ञापन सौपा है वही कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी आज से बैठकों का दौर शुरू करने जा रहे है।दरअसल और मुद्दों के अलावा अब एसआईआर भी एक ऐसा मुद्दा राजनीतिक दल मानने लगे है जिसके कारण चुनावी परिणाम बदल सकता है प्रदेश में अभी तक 10% से कम गणनापत्र को कहीं डिजिटाइजेशन हो पाया है जबकि चुनाव आयोग कर रहा है लगभग एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों पर सख्ती कार्रवाई यह हुई है रोज समीक्षा कर रहा है इसके बाद भी मध्य प्रदेश में गतिवि है यहां तक की बड़े शहरों ग्वालियर इंदौर भोपाल में कार्य 5% के बराबर ही हुआ है।जिससे राजनीतिक दलों का चिंतित होना स्वाभाविक है सत्ताधारी दल भाजपा की निर्वाचन नामावली विशेष ग्रहण पुनरीक्षण प्रदेश स्तरीय टोली के प्रदेश संयोजक व विधायक भगवान दास सबनानी पार्टी के प्रदेश मंत्री व सह संयोजक रजनीश अग्रवाल एवं एस एस उप्पल ने मध्य प्रदेश के मुख्य पदाधिकारी संजीव कुमार झा को ज्ञापन सौपा है जिसमें निर्वाचन टोली के पदाधिकारी ने कहा है की ब्लू द्वारा मतदाताओं को गणना पत्र दिए गए हैं लेकिन उनको भरने में कोई तत्परता नहीं दिखाई है जिसके कारण प्रदेश में लगभग 10% हो गणना पत्रको के डिजिटाइजेशन का कार्य हो पाया है गदला पत्रक और फॉर्म6-7 और 8 का वितरण एवं संग्रहण 4 दिसंबर तक समाप्त करना है समय कब है ऐसे में यह कार्य कैसे होगा कार्य को गति देने का अनुरोध नुरोध किया किया गया गया है है वहीं वहीं दूसरी दूसरी ओर बिहार विधानसभा के चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस अब मध्य प्रदेश में पूरी तरह सतर्कता बरत रही है पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर प्रदेश प्रभारी विधायक हरीश चौधरी को खुद मैदान में उतार दिया है।19 से 28 नवंबर तक हरीश चौधरी महा कौशल के आठ संगठनात्मक जिलों में एसआईआर को लेकर पार्टी नेताओं की बैठक लेंगे इसके बाद वे भोपाल में पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की भीवेठक लेंगे पार्टी ने हर जिले में एसआईआर को लेकर अपने बीएलओ को ट्रेनिंग देना भी शुरू कर दिया है।
आज बुधवार से हरीश चौधरी जबलपुर नरसिंहपुर कटनी उमरिया शहडोल अनूपपुर डिंडोरी इंदौर ऑफर भोपाल में समीक्षा करेंगे हर जिले में वे संगठन मजबूती बूथ स्तरीयमतदाता सत्यापन और किसी मतदाता का नाम झूठ नहीं इस पर खास जोर देंगे क्योंकि पार्टी मार रही है कि बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ी और बूथ प्रबंधन की कमजोरी के कारण हार का सामना करना पड़ा है।यही कारण है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व भी सक्रिय हो गया है और दिल्ली में मंगलवार को 12 राज्यों के प्रमुख कांग्रेसी नेताओं की बैठक बुलाई गई जिसमें मध्य प्रदेश की ओर से प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के साथ ही चारों सह प्रभारी मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार शामिल हुए थे।कुल मिलाकर प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस मिशन 2028 की तैयारी में अभी से जुट गए हैं जिसमें संगठन को दुरुस्त करने के साथ-साथ अभी सबसे बड़ा काम दोनों दल मतदाता सूची का पुनरीक्षण पर फोकस कर रहे हैं जिससे कि भविष्य में मुश्किलों का सामना न करना पड़े।
श्री देवदत्त दुबे
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