एक तरफ जहां प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस विधानसभा चुनाव 2028 की तैयारी में जुटे हुए हैं वहीं दूसरी ओर दलों के अंदर आपसी खींचतान से महत्वपूर्ण निर्णय समय पर नहीं हो रहे दोनों ही दलों में जिला कार्यकारिणी का गठन अटका हुआ है। दरअसल चुनाव जीतने के लिए बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन का मजबूत होना जरूरी है यह बात भाजपा बहुत पहले से समझती आई है लेकिन कांग्रेस भी अब इसी पैटर्न पर चल रही है लेकिन यह काम इतना आसान नहीं है संगठन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई जिला संगठन होता है जिसको गठन करने में दोनों दलों को पसीना आ रहा है पहले तो दोनों ही दल लंबी कवायद के बाद जैसे तैसे जिला अध्यक्ष घोषित कर पाए लेकिन अब जिला कार्यकारिणी का गठन आपसी खींचतान के कारण अभी तक अटका हुआ है भाजपा ने सभी जिलों में दो-दो पर्यवेक्षक भेजे थे जिन्होंने स्थानीय स्तर पर रायशुमारी करके अपनी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंप दी थी और तब उम्मीद की जा रही थी कि अब फटाफट जिला कार्यकारिणी का गठन हो जाएगा लेकिन अब तक 40 से भी ज्यादा जिलों में कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया है इसके लिए प्रदेश संगठन स्थानीय नेताओं से संपर्क कर रहा है जिला अध्यक्ष भी विधायक सांसद मंत्री और वरिष्ठ नेताओं से संपर्क कर रहे हैं लेकिन नेताओं का आपसी अहम अधिकांश जगह सहमति नहीं बनने दे रहा है और अब गुरुवार से सेवा पखवाड़ा शुरू हो गया है जिसके चलते प्रदेश के नेताओं की व्यस्तता बढ़ गई है वहीं जिला अध्यक्ष को भी स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करना है इसलिए माना जा रहा है कि अक्टूबर माह में जिला कार्यकारिणी का गठन हो पाएगा।
उधर दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी में जिला अध्यक्ष घोषित हुए एक महीने से भी ज्यादा का समय हो गया है लेकिन अभी तक ब्लॉक अध्यक्ष वीएलओ भी नहीं बन पाए हैं ऐसे में जो 40 दिन का समय दिया गया था उसमें जिला कार्यकारिणी का गठन हो पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है अभी भी जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर शिकवा शिकायतों का दौर चल रहा है हाल ही में पूर्व मंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य कमलेश्वर पटेल ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी गुटबाजी नहीं होना चाहिए प्रदेश प्रभारी का काम समन्वय बनाना है उन्होंने कहा कि मेरा प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष से निवेदन है कि खड़गे जी और राहुल जी ने आपको प्रदेश का महत्वपूर्ण पद दिया है मुखिया बनाया है आपको सबको साथ लेकर चलना चाहिए पटेल का मानना है कि प्रदेश में समन्वय पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। केवल पटेल ही नहीं प्रदेश में और भी जिलों से जिला अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं ऐसे में जिला अध्यक्ष कैसे ब्लॉक अध्यक्ष बीएलओ और जिला कार्यकारिणी का गठन समय पर कर पाएंगे कहना मुश्किल है। कुल मिलाकर प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस संगठन की महत्वपूर्ण इकाई जिला अध्यक्ष और उसकी कार्यकारिणी के गठन को लेकर जमकर कसरत कर रहे हैं इसके बावजूद स्थान स्तर पर नेताओं के आपसी अहम के टकराव के कारण समय पर बात नहीं बन पा रही है।
श्री देवदत्त दुबे ,वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनैतिक समीक्षक, मध्यप्रदेश
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