सागर पिछले एक सप्ताह से बीना विधायक निर्मला सप्रे की राजनैतिक स्थिति को लेकर असमंजस का दौर जारी है लोकसभा चुनाव के समय निर्मला सप्रे कांग्रेस का दामन छोड़ बीजेपी में शामिल हो गई थी इसको लेकर कांग्रेस ने मध्यप्रदेश विधानसभा में सदस्यता खत्म करने शिकायत दर्ज कराई थी । इसके जवाब में निर्मला ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई सबूत नहीं पेश किया है जिससे साबित हो कि उन्होंने दल बदला। इस जवाब से यह तय नहीं हो पा रहा है कि निर्मला सप्रे किस दल में है इस जवाब को लेकर बीना के कांग्रेसियों ने अनोखा मोर्चा खोला। आज विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ कांग्रेस के नेता सड़क पर उतरे और उनके घर और कार्यालय पर कांग्रेस का झंडा लगाने पर अड़ गए। इसके बाद पुलिस के साथ उनकी झूमाझटकी हुई। पुलिस ने उन्हें वाटर कैनन से खदेड़ दिया।बीना ने कांग्रेस कार्यकर्ता सर्वोदय चौराहे पर जमा हुए। इसके बाद हाथ में पार्टी का झंडा लेकर सैकड़ों कांग्रेसी विधायक के घर और कार्यालय की ओर बढ़े। यह प्रदर्शन की खबर लगते ही पुलिस और प्रशासन की टीम पहले ही पहुंच गई। अंबेडकर तिराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। ताकि कोई विधायक के आवास और कार्यालय की ओर न जा सके। चारो तरफ भारी पुलिस बल तैनात रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग हटा दी और आगे बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस के साथ उनकी झूमाझटकी हुई। यहां पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल करके कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पीछे धकेलने की कोशिश की। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि विधायक निर्मला सप्रे ने 10 अक्टूबर को विधानसभा को जवाब दिया है कि उन्होंने भाजपा की सदस्यता नहीं ली है और न ही कांग्रेस छोड़ी है। जब उन्होंने कांग्रेस छोड़ी ही नहीं तो उन्हें कांग्रेस के झंडे से क्या आपत्ति हो सकती है। इसके बाद हम झंडा लगाने के लिए जा रहे हैं लेकिन पुलिस हमें रोक रही है।
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