मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रत्याशियों की चौथी सूची जारी कर दी है भाजपा ने अपनी पहली सूची में जहां कमजोर प्रत्याषियों को मैदान में उतारकर माहौल बनाने का मौका दिया था तो दूसरी सूची में मध्यप्रदेष के कंेद्रीय मंत्रियो और सांसदो को विधानसभा के मैदान में उतारकर चौकाया था तो चौथी सूची में भाजपा ने तमाम अटकलों को खारिज करते हुए और बिना कोई जोखिम भरे राजनैतिक प्रयोग के अपने सबसे मजबूत प्रत्याशियों को फिर मैदान में उतारा है। और भाजपा प्रत्येक सूची के साथ विपक्षी दल कांग्रेस पर मनोवैज्ञानिक बढत बनाये हुए है सागर जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रो में से अब तक भाजपा सात विधानसभा क्षेत्र में अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है और सिर्फ बीना विधानसभा में संशय बरकरार है । भाजपा की चौथी सूची में सागर जिले के सबसे मजबूत चेहरे माने वाले मंत्री और विधायकों को भाजपा ने फिर मैदान में उतारकर कांटे के चुनाव में सीधा रास्ता चुना है रहली,खुरई और सुरखी विधानसभा से लगभग तय माने जाने वाले नाम मंत्री गोपाल भार्गव,मंत्री भूपेंद्र सिंह और मंत्री गोविंद सिंह राजपूत फिर चुनावी मैदान में है तो लंबे अरसे से सागर और नरयावली विधानसभा के लिये भी भाजपा के पास कोई और मजबूत विकल्प नहीं था।
विधायक शैलेन्द्र जैन और प्रदीप लारिया पिछले 3 बार से लगातार जीत दर्ज करा रहे है और विधानसभा क्षेत्र में इनके अतिरिक्त काई भी अन्य चेहरा पूरे विधानसभा क्षेत्र के साथ सामंजस्य नहीं बिठा सकता था केंद्र और राज्य सरकार की योजना अंर्तगत सागर शहर में हुए बड़े विकास कार्य और कोरोना काल में फ्रंट फुट पर आकर जनता का सहयोग करने वाले विधायक शैलेन्द्र जैन की सर्वे रिर्पोट मजबूत थी तो नरयावली विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रो में लगातार सक्रिय विधायक लारिया के अतिरिक्त अन्य कोई चेहरा जनता के लिये सहज नहीं होता और कांटे के चुनाव में भाजपा अपनी जीती हुई सीटों पर कोई भी खतरा मोल नहीं लेना चाहती थी जिसका फाायदा सीधे तौर पर रेड जोन में चल रहे वरिष्ठ विधायकों को मिला । रहली और खुरई में विकास की लहर पर सवार आठ बार के विधायक मंत्री गोपाल भार्गव और मंत्री भूपेंद्र सिंह के लिये पहले ही कोई चुनौती नहीं थी तो सुरखी में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने उपचुनाव में जीत में के बाद अपनी राजनीति को जो नया रूप दिया है और लंबे अरसे से थोकबंद विकास कार्यो की सौगात सुरखी विधानसभा को दी है उससे भाजपा और कांग्रेस दोनो ही दलों में सुरखी विधानसभा के दावेदारों के हौंसले पस्त है। कुलमिलाकर सागर जिले में विधानसभा प्रत्याशियों की स्थिति लगभग पिछले विधानसभा चुनाव जैसी ही बनी हुई है जहां देवरी और बंडा में आज भी कांग्रेस मजबूत स्थिति में है तो बीना को छोड़कर अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी भाजपा ने कोई बदलाव न करते हुए कांग्रेस के लिये मुकाबला कठिन बनाया है हां बीना विधानसभा में पिछले रिर्काड को देखते हुए जरूर दोनो ही दल नया राजनैतिक प्रयोग कर सकते है।
अभिषेक तिवारी
संपादक भारतभवः
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