जब मध्यप्रदेश की विधानसभा का गठन हो रहा था तब विधान परिषद बनना तय था किंतु घटनाक्रम कुछ ऐसा हुआ कि विधान परिषद नहीं बन पाई राज्य पुनर्गठन के संबंध में जो विधेयक मध्यप्रदेश की विधानसभा में पेश किया गया उसमें विधान परिषद का सुस्पष्ट प्रावधान था। द्वारका प्रसाद मिश्र ने उन्हीं दिनों साप्ताहिक सारथी में एक अग्रलेख लिखा इस लेख में उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में विधानसभा के एक साथ एक विधान परिषद भी होगी अर्थात मध्यप्रदेश में दो सदन होंगे।
विधान परिषद के सदन में 72 सदस्य होंगे जो इस प्रकार चुने जाएंगे, 24 सदस्य विधान सभा द्वारा निर्वाचित, 24 स्थानीय संस्थाओं द्वारा निर्वाचित, 12 राज्यपाल द्वारा नामजद, 6 ग्रेज्एटों द्वारा निर्वाचित , 6 शिक्षकों द्वारा निर्वाचित। आज भी नए विधानसभा भवन में विधान परिषद का स्थान नियत है।
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