राजनीतिनामा

राष्ट्रपति नहीं, राष्ट्राध्यक्ष बोलें

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति की जगह ‘राष्ट्रपत्नी’ शब्द बोलकर तूफान-सा खड़ा कर लिया है। यह शब्द उन्होंने कल संसद के बाहर कहीं बोल दिया था। भाजपा के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता देश में जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यह नई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान है। इसे वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। संसद की कार्रवाई भी इस मुद्दे को लेकर ठप्प हो गई है।

भाजपा के मंत्री और सांसद आग्रह कर रहे हैं कि अधीर रंजन संसद में माफी मांगे। अधीर रंजन का कहना है कि वे भाजपाइयों से माफी क्यों मांगें? कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि उन्होंने पहले ही राष्ट्रपति से माफी मांग ली है। उनकी जुबान फिसल जाने का उन्हें दुख है। वे बंगाली है। उन्हें हिंदी ठीक से नहीं आती। यह तर्क तो कमजोर है। क्या कोई बंगाली कह सकता है कि वह पति और पत्नी शब्दों में अंतर करना नहीं जानता? वैसे अधीर रंजन इस तरह की गल्तियां करने के लिए पहले से जाने जाते हैं।

उन्होंने नरेंद्र मोदी को एक बार ‘गंदी नाली’ की उपमा दे दी थी। उन्होंने कश्मीर को भारत का सिर्फ भौगोलिक हिस्सा बता दिया था। उन्होंने पं. बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को ‘पागल’ तक कह दिया था। उम्मीद है कि भाजपाइयों का यह क्रोध-प्रदर्शन उन्हें अब अधीर रंजन से सुधीर रंजन बना देगा। लेकिन इस विवाद ने मेरी एक पुरानी दुखती रग पर उंगली रख दी है।

पचासों वर्षों पहले मैं सोचता रहता था कि यदि कोई महिला हमारे देश के इस सर्वोच्च पद पर पहुंचेगी तो क्या उसे भी हम ‘राष्ट्रपति’ ही कहेंगे? तब मुझे लगता था कि इस शब्द का कोई विकल्प ढूंढना चाहिए वरना बड़ी हास्यास्पद स्थिति पैदा हो जाएगी। तब मेरे दिमाग में जो वैकल्पिक शब्द आया, वह था- राष्ट्राध्यक्ष! यदि कोई महिला इस पद पर चुनी गई तो उसे हम ‘राष्ट्राध्यक्षा’ आसानी से कह सकते हैं।

लेकिन अपना देश तो अंग्रेजी का गुलाम है। उसमें ‘प्रेजिडेंट’ शब्द का प्रयोग किसी भी महिला या पुरुष या दोनों के लिए हो सकता है तो अंग्रेजी के ‘प्रेजिडेंट’ का हिंदी अनुवाद ‘राष्ट्रपति’ भी दोनों पर थोपा जा सकता है। मेरी राय में यह गलत है। ‘राष्ट्रपत्नी’ शब्द को आपत्तिजनक बताकर हम क्या भारत के महिला समाज का अपमान नहीं कर रहे हैं?

लेकिन इस प्रश्न का उचित समाधान यही है कि हम पति और पत्नी के दलदल में न फंसें और राष्ट्रपति और राष्ट्रपत्नी के बजाय राष्ट्राध्यक्ष और राष्ट्राध्यक्षा शब्दों का प्रयोग करें। यही प्रयोग लोकसभा और राज्यसभा के अध्यक्षों और अध्यक्षाओं के लिए भी हो सकता है, हालांकि पति शब्द ऐसा नहीं है कि उसका उपयोग सिर्फ पत्नी के विलोम के रूप में ही इस्तेमाल किया जाए।

Share this...
bharatbhvh

Recent Posts

एफआईआर के लिए छह घंटे थाने में धरना- राहुल गांधी के दबाव के बाद दर्ज हुआ मुकदमा

नई दिल्ली। भारतभवः संसद मार्च के दौरान पैलेट गन से घायल हुए साहिल लोचब के…

12 hours ago

NEET सिस्टम : सरकार ने बताया ‘फुलप्रूफ’ सुप्रीम कोर्ट ने मांगा UPSC जैसा मॉडल

नई दिल्ली। भारतभवः  मेडिकल में दाखिले की सबसे बड़ी परीक्षा NEET-UG एक बार फिर सवालों…

3 days ago

चीनी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर एक महीने में ₹20 किलो की छलांग

नई दिल्ली। भारतभवः  देश में चीनी की कीमतों में अचानक आई तेजी ने आम उपभोक्ताओं…

3 days ago

अमित मालवीय की विदाई या रणनीतिक बदलाव ?

BJP की सोशल मीडिया टीम में बड़े फेरबदल के मायने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन…

4 days ago

भाजपा की राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश का महत्व बढ़ा

बहु प्रतिक्षित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है जिसमें मध्य प्रदेश के…

4 days ago

बंदूक की फोटो ने खोला राज, घर पहुंची पुलिस तो मिला करोड़ों का कैश

सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ एक फोटो डालना एक युवक को भारी पड़ गया।…

6 days ago