व्यंग्य-बाण

चापलूसी पर चर्चा

चापलूसी: एक दिव्य गुण या आत्मसम्मान का पतन? "*मेरे लहजे में 'जी हुजूर' न था,इसके अलावा साहब मेरा कोई कसूर…

8 months ago

राहुल गांधी को ठंड क्यो नहीं लगती ?

तो गुरू यह भी अकेले हमारे ही देश में हो सकता था सो गया , अब पूंछो कि एंसा क्या…

3 years ago

व्यंग्य : दान की जमीन और दुनिया की जलन

तो गुरू , मानो कलयुग को भी समझ में नहीं आ रिया है कि उसके साथ हो क्या रिया है…

3 years ago

हमारी संस्कृति और छप्पन का अजीबोगरीब आंकड़ा

भारत में सब कुछ अलग होता है। आंकड़े भी।दो आंकड़े तो जग जाहिर हैं। एक छत्तीस का और दूसरा छप्पन…

3 years ago

गुजरात : चुनाव और पराठा

हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तिथियों का ऐलान कर दिया गया लेकिन गुजरात विधानसभा के चुनावों की तिथियां घोषित…

3 years ago

पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा अमेरिका !

पराग अग्रवाल के टिवटर के सीइओ बनने के बाद से ही एक बार फिर भारतीय प्रतिभाओं की प्रखरता दुनिया के…

4 years ago

समस्याओं का समाधान , और कूटने की परम्परा…

तो गुरु देश में इस समय भारी समस्याओं का दौर चल रहा है एक महीने देर से जागने के बाद…

4 years ago