प्रदेश

05 अप्रैल को मुख्यमंत्री से मिलेंगी मध्यप्रदेश की की आंगनबाडी कार्यकर्ता

संवाददाता- सागर ,मध्यप्रदेश
आंगनबाडी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं की निरंतर 29 दिन से चल रही हड़ताल जारी रहेगी लेकिन 05 अप्रैल को राज्य भर की आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिका भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेट कर अपनी मांगों पर चर्चा करेगी। संघ की अध्यक्ष श्रीमति लीला शर्मा ने बताया कि 29 दिनों से चली आ रही अनिश्चितकालीन हडताल पर शासन ने ध्यान आकर्षित कराते हुए भोपाल में चर्चा हेतु आमंत्रित किया है। यदि मुख्यमंत्री से चर्चा में उन्होनें लिखित में मांगों को पूरा नहीं किया तो समूचे मध्यप्रदेश में चल रही आंगनबाडी कार्यकर्ताध्सहायिका की हडताल इसी क्रम में जारी रहेगी। श्रीमति शर्मा ने कहा कि निरजला उपवास कर रही आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिकाओं के प्रति स्थानीय जिला प्रशासन भी बेखबर बना हुआ है। वहीं परियोजना अधिकारी स्वयं की नौकरी का हवाला देकर आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को केन्द्र खोलने का दवाव बना रही है लेकिन आंगनबाडी कार्यकर्ताध्सहायिका चट्टान की तरह अडिग है। आज हडताल को समर्थन देने आए बीना रिफाइनरी मजदूर संघ के अध्यक्ष सुनील सिरोठिया ने आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिका की मांगों को जायज ठहराते हुए कहा कि मजदूरों के हक की बात करने वाली प्रदेश सरकार मजदूरों का ही शोषण करने पर उतारू है। सरकार रोजगार नौकरी देने की वजाय पूजीपतियों की गोद में खेल रही है। आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिकाओं को शासकीय वेतन भोगी किया जाना चाहिए क्योंकि इन्होनें कोरोना काल में 2 लाख रूपया वेतन लेने वाले डॉक्टरों से आठ गुना ज्यादा सेवा की है। इन्हें अनुकम्पा नियुक्ति के साथ.साथ पेंशन भोगी किया जाना भी आवश्यक है। मजदूर संघ हडताल का समर्थन करता है। राज्य कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा संघ पूर्व में ही सागर में चल रही आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिकाओं की हडताल को समर्थन दे चुका है और आगे भी समर्थन जारी रहेगा। शिवसेना उपराज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने मुख्यमंत्री से जानना चाहा कि तप्ती धूप में महिलाओं के भाई कहलाने वाले शिवराज सिंह चौहान इनकी कितनी और परीक्षा लेगे। सरकार को हडताल की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इन्हें शासकीय वेतन भोगी घोषित करना चाहिए। हड़ताल मे लगातार 29 वें दिन बड़ी संख्या में आगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

Share this...
bharatbhvh

Recent Posts

त्विषा शर्मा केस – ऊंट का पहाड़ के नीचे आना

भारतीय मुहावरे और कहावतें मुझे सिर्फ इसीलिए पसंद हैं क्योंकि वे सटीक भी लगती हैं…

6 hours ago

मशहूर उर्दू शायर बशीर बद्र अब हमारे बीच नहीं रहे

1955 में मिसरिख (सीतापुर) के तरही मुशायरे की सदारत एक सूरत सीलदार कर रहे थे…

1 day ago

उत्तरप्रदेश में एक पत्नी की ये कैसी हैवानियत !

आज के दौर में अपराध की हदें रोज एक नया रिर्काड सा बनाती हुई लगती…

5 days ago

बंगाल के हाल – बीजेपी धर्मशाला ही है सामिक मोशाय

मै बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य का मुरीद हो गया हूँ. सामिक भाजपा…

6 days ago

नीट परीक्षा रद्द लेकिन संकट अभी जारी है

ज़रा एक क्षण के लिए उन लाखों बच्चों की मनःस्थिति की कल्पना कीजिए जिन्होंने इस…

1 week ago

खतरा कोकरोच नहीं प्रचंड गर्मी है

भारत को खतरा कोकरोच से ज्यादा पड रही प्रचंड गर्मी से है. लेकिन इसकी चर्चा…

1 week ago